दुर्ग। शासकीय डाॅ वावा पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिताओं का पुरस्कार वितरण किया गया. मुख्य अतिथि अर्जुन पुरस्कार प्राप्त ओलंपियन राजेन्द्र प्रसाद थे. उन्होंने कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने हेतु प्रयास करने से सफलता निश्चत है. जीवन में अनुशासन, समय का पाबंद होना महत्वपूर्ण है. खेल में हार-जीत लगी रहती है. हमारी हार में भी जीत की पूरी सम्भावनायें बनी रहती हैं जिसे मेहनत से प्राप्त किया जा सकता है.












