विभिन्न कारणों का हवाला देकर सरकार अपनी आमदनी तो बढ़ा लेती है पर उसे गरीबों को भी बताना चाहिए कि वे अपनी आमदनी कैसे बढ़ाएं. पहले ही आसमान को छू रही रसोई गैस और ईंधन की कीमतों ने महंगाई में हाहाकारी इजाफा कर रखा है. अब सरकार ने रसोई गैस के दामों में फिर से 50 से 350 रुपए तक की वृद्धि कर दी है. इसका असर न केवल घरेलू बजट पर पड़ेगा बल्कि जो लोग मजबूरी में बाहर खाते हैं, उनकी जेबें भी कटेंगी. कीमत बढ़ाकर अपने घाटे की भरपाई करना सरकार के लिए आसान है पर देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी के पास इसका कोई विकल्प नहीं है.












