खूब पढ़े लिखे लोग भी कैसी-कैसी हरकतें करते हैं, यह जानकर हैरानी होती है. महिला दिवस पर स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ डॉ मानसी गुलाटी ने एक किस्सा सुनाया. एक दंपति पड़ोसी जिले से केवल प्रसव के लिए उनके पास आया. तीसरी संतान पेट में थी. पहले जहां-जहां प्रसव कराया, हर बार बेटी हुई. इसलिए इस बार दंपति यहां पहुंचा था. अफसोस कि इस बार भी बेटी ही हुई. बेटी के जन्म के लिए यह दंपति नर्सिंग होम को जिम्मेदार मान रहा था. बेटी जनने का ठीकरा बहू पर फोड़ने वाली सासों की कमी तो वैसे भी कभी अपने यहां रही नहीं.












