प्रेम की परिभाषा बदल गई है. अब सिर्फ अफेयर और ब्रेकअप होते हैं. प्रेम आयु, रिश्ता और उम्र नहीं देखता. यह किसी से भी हो सकता है. बस्तर के लोग जंगल, जलस्रोत और प्रकृति के अन्य तत्वों से प्रेम करते हैं. उनकी सुरक्षा करते हैं और उनका सम्मान करते हैं. बस्तर के जंगलों में सागौन के चार वृक्ष हैं. इन पेड़ों को लोगों ने राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न का नाम दिया है. इन पेड़ों की उम्र 500 साल से भी अधिक बताई जाती है. आदिवासी बताते हैं कि उनके पड़दादा के पड़दादा के भी पड़दादा ने इन पेड़ों को काटने की कोशिश की थी.












