भिलाई। ब्लैक फंगस का असर कितना घातक हो सकता है, इसका पता कोविड काल में चल चुका है. इसी ब्लैक फंगस की वजह से किसी व्यक्ति के चेहरे का एक भाग गल जाए तो कैसा लगेगा. यही कुछ हुआ था 58 वर्षीय संतोष कुमार जायसवाल के साथ. उनका ऊपरी जबड़ा आधा गल चुका था जिसे आपरेशन द्वारा एक साल पहले निकाल दिया गया था. बायीं ओर के इस आधे ऊपरी जबड़े को निकालकर उसकी जगह टाइटेनियम धातु से निर्मित जबड़ा प्रत्योरोपित कर दिया गया. प्रोस्थेसिस को बनाने के लिए थ्री-डी प्रिटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया.












