भिलाई। 25 वर्षीया इस युवती का खाना-पीना लगभग बंद हो चुका था. जो कुछ भी मुंह में डालती वह गले में जाने से पहले ही बाहर निकल आता. जब जान पर बन आई तब जाकर वह हाइटेक अस्पताल पहुंची. गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ आशीष देवांगन ने बताया कि दरअसल, युवती एक दुर्लभ बीमारी है जिसमें गले के ऊपरी हिस्से में जाला बन जाता है और आहार नली लगभग बंद हो जाती है.












