Jay Prakash Nair Karl Marx

Religon can start riots but cannot stop it

5 मई को प्रसिद्ध जर्मन दार्शनिक और समाजशास्त्री कार्ल मार्क्स का जन्मदिन था. मार्क्स को हम मार्क्सवादियों के कारण जानते हैं. ऐसा माना जाता है कि मार्क्स पूंजीवाद के खिलाफ थे. भिलाई के शक्ति सदन में मार्क्स के जन्मदिवस पर एक नाटक खेला गया. इसमें मार्क्स के भारत आने की कल्पना को साकार किया प्रसिद्ध रंगकर्मी जयप्रकाश नायर ने. नाटक में कई बार मार्क्स को कहना पड़ता है कि वो मार्क्सवादी नहीं हैं. यह तीखा व्यंग्य शायद व्याख्याकारों के लिए है. लोग एक पूरी बात में से आधा-पौना काट लेते हैं और अपने मतलब के लिए उसका उपयोग करने लगते हैं.

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