Tagore Birth Anniversary

Tagore limited to bengali society

रविन्द्रनाथ टैगोर (ठाकुर) को 1913 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था. देश के राष्ट्रगान – जन-गण-मन के रचयिता कविगुरू रविन्द्रनाथ ठाकुर अब केवल बंगालियों के होकर रह गए हैं! 9 मई को उनकी 162वीं जयंती थी. भिलाई के कालीबाड़ियों (काली मंदिर) में इस अवसर पर कुछ कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इन आयोजनों में सिर्फ बंगाली ही दिखाई दिए – वो भी लगभग सभी 50 पार के. इनमें भी 60 पार करने वाले ही ज्यादा थे. कविगुरू सिर्फ कवि और गीतकार ही नहीं थे. वे एक दार्शनिक, नाट्यकार, संगीतकार, चित्रकार, कहानी और उपन्यासकार भी थे.

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