प्रदेश में उच्च शिक्षा के नाम पर कुछ भी हो रहा है. दरअसल, सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा की गुणवत्ता की बजाय शिक्षा का धंधा हो गया है. सरकार को उच्च शिक्षा में बढ़ते दाखिले के आंकड़े चाहिए. इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा में शून्य प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को भी अब इंजीनियरिंग में दाखिला मिल जाएगा. वजह एक ही है, इंजीनियरिंग की खाली सीटें. सरकार इन सीटों को भरना चाहती है. इनमें से कई कालेज नेताओं के हैं. तो फिर प्रवेश परीक्षा की नौटंकी क्यों? प्रवेश परीक्षा से सरकार को मोटी कमाई जो होती है.












