Barun Smriti Samman Samaroh-2023

Art & Literature rejuvinated

भिलाई का कला-साहित्य जगत हमेशा सक्रिय रहा है. जात्रा और थिएटर के इस शहर ने कई पड़ाव देखे हैं. इप्टा, इम्पा, ट्रिपल-एम की सक्रियता तो थी ही, साहित्य के क्षेत्र में भी शहर ने अपनी अलग पहचान बना रखी है. जब अनुराग बासु मुम्बई फिल्म जगत में अपने झंडे गाड़ते हैं तो समूचे भिलाई का सीना फख्र से चौड़ा हो जाता है. नाटक और साहित्य में प्रवाह के विपरीत तैरने का साहस होता है. वह बड़ी-से-बड़ी बात सहजता से कह जाता है. समाज को दिशा देने, उसके भटकाव को रोकने में भी इसकी अहम भूमिका होती है.

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