सनातन “वसुधैव कुटुम्बकम” का सिद्धांत देता है. पर इसके लिए एक शर्त भी है – “उदार चरितानां”. अर्थात चित्त अगर उदार है तो पूरा विश्व एक परिवार है. यही उदारता पशु पक्षियों को भी परिवार का हिस्सा मानती है. कृषि प्रधान भारत में परिवार सामूहिक श्रम करता था, धन संपदा को भी साझा करता था. पर मुखिया बनने की लड़ाई तब भी थी. रामायण काल में राजगद्दी का स्वार्थ श्रीराम के वनवास का कारण बना. लव-कुश जुड़वां थे. उनके लिए अलग-अलग राज्य बने. पर इसी रामायणकाल में भरत, शत्रुघ्न और लक्ष्मण जैसे भाई भी हुए.












