भिलाई। 22 वर्षीय इस युवती का गर्भ डिम्बवाहिनी में ही ठहर गया था. इसे एक्टोपिक या अस्थानिक गर्भ (ectopic pregnancy) कहते हैं. भ्रूण का आकार बढ़ने से डिम्बवाहिनी (Fallopian Tube) फट गई और रक्तस्राव होने लगा. जब युवती हाइटेक अस्पताल लाई गई तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी. शरीर में केवल 4 ग्राम खून रह गया था. उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी.












