हममे से प्रत्येक इंसान के पास एक-एक जोड़ा फेफड़ा है. फेफड़ों को कुछ भी होता है तो हमें नानी याद आ जाती है. मामूली खांसी-सर्दी भी हलाकान कर देती है. अभी-अभी कोरोना आकर समझा गया है कि फेफड़ा ही सबकुछ है. खून की लाली भी फेफड़े की देन है. धरती के जंगल समूचे प्राणी जगत के लिए फेफड़े का काम करते हैं. जंगल हैं तो धरती पर जीवन है. पेड़ पौधे न केवल हवा, पानी और मिट्टी से हमारे लिए भोजन तैयार करते हैं बल्कि हमें जिन्दा रखने के लिए वातावरण में प्राणवायु (ऑक्सीजन) भी घोलते हैं.












