भिलाई। ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ध्यान शिक्षिका ब्रह्मकुमारी प्राचीदीदी ने आज कहा कि शरीर विज्ञान के बारे में तो हम सभी जानते हैं. बीमार पड़ने पर डाक्टर के पास चले भी जाते हैं. पर मन की व्याधियों को हम समझ नहीं पाते. व्यग्रता, उग्रता, चिड़चिड़ापन सभी का जन्म बीमार मन से होता है. योग दिवस पर हमें अपने शरीर के साथ ही मन को भी स्वस्थ रखने का प्रण लेना चाहिए.












