बस्तर के कोंडागांव जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां गर्भवती महिलाएं दहशत में जीती हैं. जैसे ही छठवां-सातवां महीना लगता है वे गांव से निकलकर अपने मायके या किसी दूसरे स्थान पर पहुंच जाती हैं. डिलवरी का समय यदि बारिश के महीनों में निकले तो खतरा और बढ़ जाता है. बारिश के दिनों में यह गांव पूरी तरह टापू बन जाता है जहां से न कोई बाहर जा सकता है और न ही अन्दर आ सकता है. इस गांव के लोग अब आपस में चंदा कर नदी पर लकड़ी का अस्थाई पुल बना रहे हैं.












