यह कहानी पुरानी है. एक बार दो बिल्लियो को रोटी का एक टुकड़ा मिला. दोनों ने रोटी के दो टुकड़े करने का फैसला किया पर यह करे कौन यह तय नहीं हो पाया. तभी एक बंदर वहां पहुंचा. बंदर भी भूखा था. बिल्लियों के पास रोटी का टुकड़ा देखा तो उसके मुंह में पानी भर आया. वह लपक कर उनके पास पहुंचा और रोटी के बराबर दो टुकड़े करने का प्रस्ताव दिया. बिल्लियों ने थर्ड पार्टी को सहर्ष स्वीकार कर लिया. अब बंदर ने रोटी के दो टुकड़े किये और फिर उन्हें मिलाकर देखा. एक टुकड़ा दूसरे से बड़ा प्रतीत हुआ.












