हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ आर्ट्स के द्वितीय वर्ष के परीक्षार्थियों में से केवल एक तिहाई उत्तीर्ण हो पाए. 24,382 ने परीक्षा दिलाई थी जिसमें से 9419 फेल हो गए और 6695 को पूरक दिया गया. पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के परिणाम इससे भी खराब हैं. वहां के नतीजे 28 फीसदी रहे. बिलासपुर विश्वविद्यालय के नतीजों ने तो रिकार्ड ही तोड़ दिया जहां केवल चौथाई विद्यार्थी ही उत्तीर्ण हो पाए. सरसरी तौर पर देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि बीए के विद्यार्थी पढ़ाई को लेकर ज्यादा लापरवाह हैं. पर लापरवाही इसकी इकलौती वजह नहीं है.












