भाजपा कहती रह गई और कांग्रेस ने डबल इंजन की सरकार बना दी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की ताकत मिल गई. “कका-बाबा” की जोड़ी ने बिना कोई वक्त गंवाए प्रदेश की राजनीति को स्पष्ट संदेश भी दे दिया. कांग्रेस में कोई फूट नहीं है. ‘बाबा’ का भाजपा प्रवेश नहीं हो रहा. वे नाराज नहीं बल्कि उदास थे. वजह भी साफ है. वे अपने कद के हिसाब से अलग दिखना-करना चाहते थे. चार अन्य विधायक या मंत्रियों के साथ एक लाइन में नहीं खड़े होना चाहते थे. पार्टी आलाकमान ने उनके दर्द को समझा और वह अलग पहचान उन्हें दे दी, जिसके वे तलबगार थे.












