भिलाई। एक्यूट लिवर फेलियर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे 50 प्रतिशत मामलों में मृत्यु की आशंका होती है. एम्स के एक रिसर्च में सामने आया है कि एक्यूट लिवर फेलियर के 30 प्रतिशत मामलों के लिए हेपेटाइटिस ए और ई जिम्मेदार होते हैं. ये दोनों ही हेपेटाइटिस के संक्रामक प्रकार हैं जिनसे बचा जा सकता है. कमजोरी, भूख न लगना, मितली आना, आंख और पेशाब में पीलापन जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने और तत्काल इलाज कराने की जरूरत होती है.












