भिलाई। हम जिस शरीर को जानते हैं वह केवल हमारा स्थूल शरीर है. इसे भौतिक शरीर भी कहते हैं. इसके अलावा भाव शरीर, सूक्ष्म शरीर, मानस शरीर, आत्मिक शरीर, ब्रह्म शरीर एवं निर्वाण शरीर भी प्रत्येक के पास है जिसे हम देख नहीं सकते. हमारा स्वास्थ्य, हमारी सफलता का ग्राफ सभी इन सभी शरीरों के सुन्दर संयोजन पर निर्भर करता है. इन सभी शरीरों को साधा जा सकता है. उक्त बातें आज पॉजीटिव हेल्थ जोन द्वारा एमजे कालेज में आयोजित हेल्थ टॉक में डॉ अनिल पाण्डेय ने कहीं.












