भिलाई। छत्तीसगढ़ में भी प्रतिवर्ष दो-तीन दवाइयां विकसित की जा सकती हैं. तमाम फार्मेसी कालेज, फैकल्टीज, स्कॉलर्स इस दिशा में प्रयास कर सकते हैं. विवि इसमें भरपूर सहयोग करेगा. उक्त बातें छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एमके वर्मा ने कहीं. वे एमजे कालेज में आयोजित फार्मेसी सप्ताह के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे.












