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Artificial insemination is the only solution to meet milk requirement of India - Dr SB Sahu

भिलाई। हालांकि दुग्ध उत्पादन के मामले में भारत ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है पर प्रति व्यक्ति दूध की बात करें तो देश अब भी काफी पीछे है. ऐसा, गौवंश की भारी-भरकम संख्या के बावजूद है. इसकी एकमात्र वजह है देसी नस्लों की दूध उत्पादन क्षमता. कृत्रिम गर्भाधान को अपनाकर दुग्ध उत्पादन क्षमता को कई गुना बढ़ाया जा सकता है. उक्त बातें केन्द्रीय वीर्य संग्रहण केन्द्र के एडिशनल डिप्टी डायरेक्टर डॉ शशिभूषण साहू ने कहीं. वे ग्राम समोदा में आयोजित एमजे कालेज रासेयो शिविर के बौद्धिक सत्र को संबोधित कर रहे थे.

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