भिलाई। कब्ज हो या पेशाब की दिक्कत, ज्यादा जोर लगाना खतरनाक हो सकता है. 58 वर्षीय इस मरीज के साथ भी ऐसा ही हुआ. खैरागढ़ से आरोग्यम सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल लाए गए इस मरीज में कई और जटिलताएं पैदा हो गई थीं जिसके कारण उसकी दो-दो सर्जरियां करनी पड़ी. रोगी को भी कई दिनों तक भयंकर पीड़ा के दौर से गुजरना पड़ा.












