भिलाई। समय पर इलाज मिल जाने के कारण एक 8 साल की बच्ची की किडनी को बचा लिया गया. बच्ची एक्यूट ग्लोमेरूलोनेफ्राइटिस की शिकार थी. हीमोडायलिसिस के तीन चक्रों के बाद बच्ची की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका क्रिएटिनिन स्तर भी स्वयमेव सामान्य की ओर बढ़ रहा है. इस स्थिति में लापरवाही या गलत इलाज से किडनी नष्ट हो सकती है.












