दुर्ग। शासकीय डाॅ. वा.वा. पाटणकर कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय के नृत्य विभाग द्वारा नृत्यांजलि (वैल्यू एडेड कोर्स) का आरंभ हुआ. मुख्य अतिथि के रूप में डाॅ. जी. रथीश बाबू (नाट्याचार्य-नृत्यति कलाक्षेत्रम्) ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शास्त्रीय नृत्यों के माध्यम से भारतीय परम्परा संरक्षित होती है. जीवन अनुशासित होता है. यह लय, ताल और संतुलन को बनाये रखता है.












