भिलाई. क्रीमिया के युद्ध के दौरान एक महिला अपनी सहयोगियों के साथ रात को मोमबत्ती की रौशनी में घायलों की सेवा करती नजर आई थी. बाद में उन्होंने नर्सों की एक टोली को सेवा के लिए तुर्की भी भेजा. युद्ध के बाद के वर्षों में उन्होंने नर्सिंग पर पुस्तक भी लिखी और उनके लिए एक प्रशिक्षण संस्थान भी खोला. इस महिला का नाम था फ्लोरेंस नाइटिंगेल. उन्होंने आधुनिक नर्सिंग का जन्मदाता कहा जाता है.












