Dr Aslam Khan pacemaker

Patients advised pacemaker were treated conservatively at Hitek

भिलाई। दवाइयों के साइड इफेक्ट पर अगर ध्यान नहीं दिया गया तो ये मृत्यु का कारण भी बन सकते हैं. ऐसी ही दो महिलाओं का इलाज पिछले एक सप्ताह के दौरान हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल में किया गया. इनमें से एक को जहां पेस मेकर लगाने की सलाह के साथ रायपुर रिफर किया गया था वहीं दूसरी मरीज को पेस मेकर लगाना संभव नहीं था. केवल दवाइयों के फेरबदल से दोनों की जान बच गई.

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