रायपुर. संभवतः देश का यह एकमात्र मंदिर है जहां प्रभु श्रीराम अपने सभी भाइयों के साथ विराजे हैं. मंदिर में एक तैरती शिला भी है जिसे रामेश्वरम से लाकर यहां स्थापित किया गया था. ऐसी शिलाओं से ही त्रेतायुग में रामसेतु का निर्माण किया गया था. लगभग 466 साल पुराना यह मंदिर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है. इस मंदिर को दूधाधारी मठ के नाम से जाना जाता है.












