मनेन्द्रगढ़. प्राकृतिक बदलाव एवं इंसानों के हस्तक्षेप के कारण दुनिया के नक्शे से अनेक जीव जन्तुओं का सफाया हो चुका है. बाघों की गिनती भी ऐसे ही वन्यप्राणियों में होती है जिनका अस्तित्व कठिन चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है. बाघों के संरक्षण के लिए गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व की स्थापना तो कर दी गई पर अभी कई सवाल यहां मुंह बाए खड़े हैं. इनमें से प्रमुख है रिजर्व क्षेत्र से इंसानी बस्तियों को हटाना.












