हरियाणा के रेवाड़ी में एक गांव है पिथनवास. इस गांव में एक 90 वर्षीय वृद्धा की मृत्यु सुबह-सुबह हो गई. उनके जीवन साथी उस समय बाहर कुर्सी पर बैठे चाय पी रहे थे. थोड़ी देर बाद परिजनों को पता चलता है कि उन्होंने कुर्सी पर बैठे-बैठे ही खामोशी से अपने प्राण त्याग दिये थे. वे 93 वर्ष के थे. दंपति ने भरपूर जीवन दिया था. उन्होंने चार पीढ़ियां देख ली थीं. दोनों की अर्थी साथ-साथ चली. अर्थियों को गुब्बारों से सजाया गया और ढोल नगाड़े के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई.












