पांच साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। 2018 के इस मामले में निचली अदालत ने दोषी बेटे को मृत्युदण्ड तथा उसकी मां को पुलिस को गुमराह करने, साक्ष्य नष्ट करने तथा आरोपी का साथ देने के आरोप में सात साल की सजा सुनाई थी। मामला अपील के जरिए उच्च न्यायालय पहुंचा था। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अनूप चिटकारा और सुखविंदर कौर ने मां को दोषमुक्त कर दिया और अभियुक्त की सजा को 30 साल कर दिया।












