आस्था किसी भी तर्क से परे होती है। ईश्वर का रूप चाहे कोई भी हो, यदि उसमें आपकी आस्था है तो है। इसपर कोई सवाल खड़े नहीं किये जा सकते। इसपर कोई बहस नहीं हो सकती। इसे जब-जब परिभाषित करने की कोशिश की जाएगी वितंडा खड़ा होगा। आस्था का जीवन में बड़ा महत्व है। आस्था से ही रिश्ते नाते हैं। आप बात-बात पर डीनए टेस्ट के लिए नहीं कह सकते। इसी तरह भगवानों की उत्पत्ति और उनके उपदेशों पर भी बहस नहीं हो सकती।












