आज भारत में शायद ही कोई ऐसा होगा जिसने कभी इडली न खाई होगी. चावल और उड़द के खमीर वाले घोल के ये पेड़े भाप में पकाए जाते हैं. गर्मागर्म सांभर और ठंडी-ठंडी चटनी इसका मजा कई गुणा बढ़ा देती है. बची हुई इडली को फ्राई करके भी खाया जा सकता है. हालांकि इडली सुबह के नाश्ते के रूप में मशहूर है पर इसे कभी भी खाया जा सकता है. यह सुपाच्य और पोषक होता है. पर क्या आप जानते हैं कि इडली भारत पहुंची कैसी? चलिए हम बताते हैं












