उज्जैन : एक महिला डॉक्टर पर जच्चा बच्चा का गलत इलाज करने का आरोप लगा है। सोनोग्राफी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा था कि बच्चे की धड़कन बंद हो चुकी है, पर डॉक्टर ने इलाज जारी रखा। 14 दिन की दवाइयां भी लिख दी और बच्चे को पूरी तरह स्वस्थ बताया । इस दौरान इंफेक्शन फैलने से गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ी तो परिजनों आनन-फानन में दूसरे डॉक्टर को दिखाया, तब बच्चे की मौत का खुलासा हुआ।












