रायपुर। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक हस्तशिल्प को नई पहचान और व्यापक बाजार उपलब्ध कराने राज्य सरकार द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। “जशक्राफ्ट” ब्रांड के अंतर्गत कालीन शिल्प को सशक्त बनाने हेतु डिजाइन एवं गुणवत्ता उन्नयन हेतु विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बालाछापर में संचालित कालीन प्रशिक्षण में दिल्ली से आई डिजाइनिंग विशेषज्ञ कौशिकी सौम्या एवं स्थानीय प्रशिक्षक चिंतामणि भगत (अंबिकापुर) द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।












