बुरहानपुर। इस स्थल को कभी ताजमहल के लिए चुना गया था। ताज तो नहीं आया पर यहां कदम कदम पर इतिहास बिखरा पड़ा है। अब यहां घूमने फिरने के लिए गाइड की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिला प्रशासन ने ऐतिहासिक धरोहरों के पास QR लगा दिया है। इसे स्कैन करते ही इसका पूरा इतिहास सामने आ जाएगा। कलेक्टर हर्ष सिंह ने पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है।












