वैसे तो मौसम बारिश का चल रहा है पर दगाबाज मौसम का मूड समझ में नहीं आ रहा है. आसमान ताकते दिन गुजर रहे हैं. पर राजनीतिबाज और राजनीति में रुचि रखने वाले अभी से नवम्बर-दिसम्बर की तैयारी में जुट गए हैं. छत्तीसगढ़ के लिए यह चुनावी मौसम होगा. चुनावी मौसम में और होली में गजब का सामंजस्य है. होली में रंग-गुलाल के अलावा कीचड़, गोबर और पेंट का भी जमकर उपयोग होता है. कुछ ऐसा ही आलम चुनावी मौसम में भी होता है. जमकर कीचड़ उछाले जाते हैं, कपड़े फाड़े जाते हैं. जनता इसका तमाशा देखती है और फिर जैसा उसका मूड बनता है, वैसा फैसला सुनाकर अपनी राह पकड़ लेती है.












