अब कमर और कूल्हे का अनुपात भी बताएगा मोटापा है या नहीं, ऐसे लगाएं हिसाब

अब कमर और कूल्हे का अनुपात भी बताएगा मोटापा है या नहीं, ऐसे लगाएं हिसाब

नई दिल्ली। मोटापे की परिभाषा अब केवल BMI पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि कमर-से-कूल्हे अनुपात WHR को भी इसमें शामिल किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर देश के सरकारी अस्पतालों में यह नई जांच प्रक्रिया शुरू होगी। अगरआपकी कमर का साइज बढ़ा हुआ है तो भी आप मोटापे के शिकार माने जाएंगे। इसकी पहचान के लिए वेस्ट-टू-हिप रेशियो (WHR) यानी कमर और कूल्हे के घेरे के अनुपात की जांच की जाएगी। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में यह प्रक्रिया शुरू भी हो गई है। aajtak.in ने इस पर विस्तार से खबर दी है।

दिल्ली AIIMS के जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर और चीफ सर्जन डॉ. असुरी कृष्णा कहते हैं कि AIIMS में कमर से हिप के अनुपात का भी आकलन किया जा रहा है। इसका मकसद डायबिटीज, हार्ट डिजीज और अन्य मेटाबॉलिक बीमारियों के जोखिम की समय रहते पहचान करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स 30 से अधिक होता है उनको मोटापे का मरीज (Obese) माना जाता है।

बीते साल The Lancet Diabetes & Endocrinology ने अपनी एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें कहा गया था कि मोटापे की पहचान के लिए केवल BMI पर निर्भर रहना काफी नहीं है। डॉक्टरों को कम से कम एक और पैरामीटर को ध्यान में रखना चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया था कि दक्षिण एशिया के लोगों में कमर के आसपास चर्बी काफी बढ़ी रहती है, जो कई बीमारियों का रिस्क बढ़ा सकती है।

सफदरजंग अस्पताल में कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर कहते हैं कि बीएमआई केवल एक स्क्रीनिंग टूल है, जो शरीर में फैट का अनुमान लगाता है, लेकिन यह ये नहीं बताता कि चर्बी शरीर के किस हिस्से में जमा है।भारत में ऐसे बहुत लोग हैं जिनका बीएमआई तो नॉर्मल है, लेकिन उनके पेट के आसपास काफी चर्बी होती है।

डॉ. किशोर कहते हैं कि वेस्ट-टू-हिप रेशियो कमर और कूल्हों के घेरे का अनुपात है। इसे निकालने के लिए कमर के माप को कूल्हे के माप से भाग दिया जाता है। पुरुषों में यह 0.90 और महिलाओं में 0.85 से कम होना चाहिए। अगर यह इससे ज्यादा है तो WHO के मानकों के हिसाब से ऐसा व्यक्ति मोटापे के मॉडरेट रिस्क में आ गया है।

कमर-हिप अनुपात मापने के लिए एक इंची टेप से अपनी नाभि के थोड़ा ऊपर कमर के सबसे पतले हिस्से का घेरा मापें। इसके बाद अब कूल्हों के सबसे चौड़े हिस्से के चारों ओर का घेरा मापें। अब कमर के घेरे को हिप के घेरे से भाग कर दें, जो संख्या आएगी, वही आपका रेशियो होगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी की कमर 30 इंच की है और हिप 33 इंच है, तो गणना होगी: 30 ÷ 33 = 0.91 यानी WHR 0.91 होगा. इस आंकड़े का मतलब है कि व्यक्ति मोटापे से पीड़ित है।

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