अगले साल 1 अप्रैल को खुलेगा स्कूल; बारहखड़ी, पहाड़ा और रीडिंग पर फोकस

अगले साल 1 अप्रैल को खुलेगा स्कूल; बारहखड़ी, पहाड़ा और रीडिंग पर फोकस

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा सत्र में बड़ा परिवर्तन होने वाला है। प्रायमरी के बच्चों को बारहखड़ी और 20 तक का पहाड़ा कंठस्थ होना चाहिए। मिडिल स्कूल में बच्चों को 25 तक का पहाड़ा याद करना होगा। साथ ही फर्राटे से हिन्दी और अंग्रेजी पढ़ने का अभ्यास करना होगा। सबसे बड़ी बात, अगले साल स्कूली शिक्षा का सत्र 1 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएगा।

स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा हेतु महानदी भवन में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों के सुचारु संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मंत्री श्री यादव ने प्रदेश के सभी विद्यालयों में साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत कार्य, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, साइकिल वितरण तथा अति आवश्यक कार्यों के लिए जारी राशि के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यालय छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को विशेष अभियान चलाकर 31 जुलाई 2026 तक पुनः विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षकों की VSK App के माध्यम से शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को बारहखड़ी एवं 20 तक के पहाड़े तथा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े, हिंदी एवं अंग्रेजी की धाराप्रवाह रीडिंग अनिवार्य रूप से आनी चाहिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने तथा शिक्षण व्यवस्था की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार कर उन्हें चरणबद्ध रूप से डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए गए। भवनविहीन विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा किए जाने के निर्देश भी दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों की मूल पदस्थापना स्थल पर तत्काल वापसी सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए।
इसके अलावा रमसा (RMSA) प्राप्त विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत केंद्रीकृत किचन व्यवस्था, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना तथा अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्रदेश के सभी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया एवं शैक्षणिक सत्र का प्रारंभ 1 अप्रैल से किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2027-28 से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं साइकिल का वितरण भी 1 अप्रैल को ही सुनिश्चित किया जाएगा। इस व्यवस्था से शासकीय विद्यालयों में भी निजी विद्यालयों की भांति समय पर पढ़ाई प्रारंभ होगी, पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण होगा तथा विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में और अधिक सुधार आएगा।

बैठक में VSK App के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्णय लिया गया कि सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को App पर पंजीयन एवं नियमित उपस्थिति दर्ज करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। वर्तमान माह की उपस्थिति के आधार पर किसी भी कर्मचारी या शिक्षक के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि जुलाई माह में स्कूल शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों का ।चच पर पंजीयन अनिवार्य होगा तथा जुलाई माह का वेतन App में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही देय होगा।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, आयुक्त समग्र शिक्षा श्रीमती किरण कौशल तथा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक श्री ऋतुराज रघुवंशी ने भी अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा शासन के निर्देशों का गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।

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