Daily Archives: November 18, 2020

एमजे कालेज के विधिक साक्षता शिविर में दी कानूनी प्रावधानों की जानकारी

Legal Literacy Day at MJ Collegeभिलाई। एमजे कालेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा विधिक सेवा केन्द्र दुर्ग के सहयोग से आयोजित आनलाइन विधिक साक्षता शिविर में प्रतिभागियों को पाक्सो, घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न आदि से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। इन शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं जनसाधारण को विभिन्न अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना है। महाविद्यालय की निदेशक श्रीलेखा विरुलकर के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश राहुल शर्मा, सेठ रतन चंद सुराना विधि महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक अधिवक्ता आरआर साहू, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के रासेयो प्रभारी डॉ आरपी अग्रवाल उपस्थित थे।

दीपावली पर एमजे स्कूल ने कराई ऑनलाइन प्रतियोगिताएं

MJ School Competitionsभिलाई। दीपावली के उपलक्ष्य में एमजे स्कूल ने ऑनलाइन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। तीन वर्गों में विभाजित इस प्रतियोगिता में 0 से 3 वर्ष तक की उम्र के बच्चों के लिए पारम्परिक परिधान, 3 से 5 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों के लिए चित्र बनाना एवं रंग भरना तथा 6 से 8 वर्ष के बच्चों के लिए दीया सजाओ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। 8 से 10 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों के लिए माता के साथ फायरलेस कुकिंग एवं रंगोली की प्रतियोगिता रखी गई।

वीर्य में न हो एक भी शुक्राणु तब भी पितृत्व का सुख मिलना संभव : डॉ रेखा रत्नानी

No sperm in semen, ICSI can helpभिलाई। आपाधापी का जीवन, तनाव और बढ़ी उम्र में विवाह के कारण आज संतान सुख एक बड़ी चुनौती बन गई है। अकसर पुरुषों में शुक्राणुओं का कम होना, कमजोर होना या बिल्कुल भी नहीं होना इसका एक बड़ा कारण है। पर यदि वृषण में शुक्राणु मिल जाएं तो भी ऐसे पुरुष पितृत्व का सुख प्राप्त कर सकते हैं। यह कहना है बांझपन विशेषज्ञ डॉ रेखा रत्नानी का। उन्होंने ऐसे दर्जनों दंपतियों को संतान सुख प्रदान किया है जो विवाह के सालों बाद भी गर्भधारण नहीं कर पा रहे थे। (देखें वीडियो)

स्वरुपानंद महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने स्व निर्मित लैम्प से रोशन किया अपना घर

Swaroopand organises skill development workshopभिलाई। स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती महाविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा दीवाली के उपलक्ष्य में ‘कम लागत’ से बनने वाली विभिन्न आकर्षक सजावट सामग्री बनाने का प्रशिक्षण दिया गया उसके बाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों को पेपर से लैम्प एवं कंदील और आम की पत्तियों से विभिन्न प्रकार के तोरन बनाने का ऑनलाईन प्रशिक्षण दिया गया। अभ्यर्थियों ने दीपावली पर अपना घर इन्हीं सजावटी वस्तुओं से रौशन किया।