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नि:शब्दों के हाथों ने दी स्वाद को जुबान, बोल पड़े व्यंजन

भिलाई। नि:शब्दों के हाथों ने दी स्वाद को जुबान तो व्यंजन भी बोल पड़े। अवसर था प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान में आयोजित आनंद मेले का जिसमें इन दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान में आयोजित आनंद मेला में लोगों ने जमकर व्यंजनों का लुत्फ उठाया तो वहीं बच्चों ने विभिन्न गेम का का खूब इंज्वाय किया। भिलाई। नि:शब्दों के हाथों ने दी स्वाद को जुबान तो व्यंजन भी बोल पड़े। अवसर था प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान में आयोजित आनंद मेले का जिसमें इन दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान में आयोजित आनंद मेला में लोगों ने जमकर व्यंजनों का लुत्फ उठाया तो वहीं बच्चों ने विभिन्न गेम का का खूब इंज्वाय किया। प्रयास श्रवण विकलांग संस्थान दिव्यांग बच्चों (श्रवण बाधित) की दुनिया का अनुभव नजदीक से कराने हेतु इस मेले का आयोजन किया गया। 

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कृष्णप्रिया राष्ट्रीय अवार्ड : युवा प्रतिभाओं को मिला कला वैभव सम्मान

भिलाई। एसएनजी, सेक्टर-4 में शुरू हुई कृष्णप्रिया राष्ट्रीय अवार्ड प्रतियोगिता एवं अखिल भारतीय नृत्य एवं संगीत प्रतियोगिता में पहले दिन रविवार को देश भर से पहुंचे कलाकारों ने वाद्य संगीत का जादू जगाया। निर्णायकों ने इन प्रस्तुतियों को बेहद सराहा। उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को कला वैभव सम्मान दिया गया।भिलाई। एसएनजी, सेक्टर-4 में शुरू हुई कृष्णप्रिया राष्ट्रीय अवार्ड प्रतियोगिता एवं अखिल भारतीय नृत्य एवं संगीत प्रतियोगिता में पहले दिन रविवार को देश भर से पहुंचे कलाकारों ने वाद्य संगीत का जादू जगाया। निर्णायकों ने इन प्रस्तुतियों को बेहद सराहा। उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को कला वैभव सम्मान दिया गया। सुबह उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ संगीतज्ञ एसआर शेवलीकर, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के प्रो. सतीश इंदुरकर, वरिष्ठ तबला वादक रवींद्र कर्मकार व कृष्णप्रिया कथक केंद्र की संचालक उपासना तिवारी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता की विधिवत शुरूआत की। इस दौरान संगीत गुरुजनों को श्रीमती तिवारी ने शॉल व श्रीफल से सम्मानित किया।

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मन की शांति के लिए इगो को त्यागना जरूरी : ब्रह्मकुमारी उषा

भिलाई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के 80 वर्ष पूर्ण होने पर 15 से 20 दिसंबर तक प्रात: सत्र सुबह 6:30 से 8 बजे तक पीस आॅडिटोरियम, सड़क-2, सेक्टर-7, में तथा संध्या 7 से 8.30 बजे तक सेक्टर 6, पुलिस र्ग्राउंड में विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस नि:शुल्क शिविर में अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय माउण्ट आबू की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका और मैनेजमेंट ट्रेनर ब्रह्माकुमारी उषा के तनावमुक्ति और सकारात्मकता के राजयोग के प्रेरक मंत्र के साथ संस्था की विकास यात्रा पर आयोजित प्रदशर्नी आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी।

ब्रह्माकुमारी उषा

भिलाई। ब्रह्मकुमारी उषा बहन ने कहा कि मन की शांति के लिए सबसे पहले इगो को त्यागना जरूरी है। इगो को त्यागकर सबसे प्रेमपूर्ण व्यवहार करने पर हमें न केवल मन की शांति मिलती है बल्कि दुआएं भी मिलती हैं। ब्रह्मकुमारी उषा बहन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा संस्था के 80 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित राजयोग शिविर को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि आज हम सत्य से दूर हो रहे है, ईश्वर के बारे में कन्फ्यूज़ है, विभिन्न मत-मतांतर है, संसार में कितने भगवान हो गये है, मनुष्य भी स्वयं को भगवान कहने लगा है, जिससे सभी का विश्वास डगमगा रहा है।

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पाटणकर गर्ल्स कालेज के बच्चों ने देखा भिलाई इस्पात संयंत्र

भिलाई। शा. डॉ. वा. वा. पाटणकर गर्ल्स कालेज के अथर्शास्त्र विभाग की छात्राओं का एक दल भिलाई इस्पात संयंत्र के भ्रमण के लिये गया। भ्रमण उपरांत छात्राओं ने अपने अनुभवों के द्वारा इस्पात संयंत्र की विभिन्न गतिविधियों का एवं लोहे को फौलाद बनाने की निर्माण विधि की जानकारी विभाग को प्रस्तुत की।भिलाई। शा. डॉ. वा. वा. पाटणकर गर्ल्स कालेज के अथर्शास्त्र विभाग की छात्राओं का एक दल भिलाई इस्पात संयंत्र के भ्रमण के लिये गया। भ्रमण उपरांत छात्राओं ने अपने अनुभवों के द्वारा इस्पात संयंत्र की विभिन्न गतिविधियों का एवं लोहे को फौलाद बनाने की निर्माण विधि की जानकारी विभाग को प्रस्तुत की। छात्राओं को सहा. महाप्रबंधक जेएन ठाकुर एवं उनकी टीम ने संयंत्र की विभिन्न गतिविधियों से छात्राओं को रूबरू कराया।

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देश की सबसे बड़ी समस्या हमारा एजुकेशन सिस्टम : कोठारी

भिलाई। शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति के सह-संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सह-सचिव तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, शिक्षाविद् अतुल कोठारी का मानना है कि आज देश की सबसे बड़ी समस्या हमारा एजुकेशन सिस्टम है। इस सिस्टम से नौजवान या तो नौकर बन रहा है या बेकार। स्थिति यह है कि यदि किसी नौजवान ने इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल की है तो वह इकॉनॉमिक्स के संबंध में कोई ज्ञान नहीं रखता। शिक्षा को बांटने से समग्र व्यक्तित्व का निर्माण ने होकर खंडित व्यक्तित्व का निर्माण हो रहा है।भिलाई। शिक्षा बचाओ आंदोलन समिति के सह-संयोजक, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सह-सचिव तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक, शिक्षाविद् अतुल कोठारी का मानना है कि आज देश की सबसे बड़ी समस्या हमारा एजुकेशन सिस्टम है। इस सिस्टम से नौजवान या तो नौकर बन रहा है या बेकार। स्थिति यह है कि यदि किसी नौजवान ने इंजीनियरिंग की शिक्षा हासिल की है तो वह इकॉनॉमिक्स के संबंध में कोई ज्ञान नहीं रखता। शिक्षा को बांटने से समग्र व्यक्तित्व का निर्माण ने होकर खंडित व्यक्तित्व का निर्माण हो रहा है।

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संतोष रूंगटा कैम्पस में शास्त्रार्थ: ठहर सा गया है कौशल का पारम्परिक हस्तांतरण : पाण्डेय

भिलाई। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय का मानना है कि कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी पारम्परिक रूप से हस्तांतरित होती रही है। बढ़ई का बेटा बढ़ईगिरी, लोहार का बेटा लुहारी बहुत कम उम्र से सीखता था। किशोरावस्था आते तक वह इस ज्ञान में परिपक्व हो जाता और स्वयं उसे आगे बढ़ाता था। इसी गैप को दूर करने के लिए शासन ने स्किल डेवलपमेंट स्कीम शुरू की ताकि लोग रोजगार परक शिक्षा हासिल कर सकें। श्री पाण्डेय संतोष रूंगटा कैम्पस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस शास्त्रार्थ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।भिलाई। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय का मानना है कि कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी पारम्परिक रूप से हस्तांतरित होती रही है। बढ़ई का बेटा बढ़ईगिरी, लोहार का बेटा लुहारी बहुत कम उम्र से सीखता था। किशोरावस्था आते तक वह इस ज्ञान में परिपक्व हो जाता और स्वयं उसे आगे बढ़ाता था। इसी गैप को दूर करने के लिए शासन ने स्किल डेवलपमेंट स्कीम शुरू की ताकि लोग रोजगार परक शिक्षा हासिल कर सकें। श्री पाण्डेय संतोष रूंगटा कैम्पस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस शास्त्रार्थ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

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सेल्फ डिसिप्लिन से आती है व्यवहार में कुशलता :ब्रह्मकुमारी उषा

भिलाई। सेल्फ डिसिप्लिन से व्यवहार में कुशलता आती है। भौतिक योग, व्यक्ति से योग, समय के साथ योग सभी योगों का सार है बैलेंस प्लस सेल्फ डिसिप्लिन। मन की अशांति का मुख्य कारण है ब्रेन के राईट और लेफ्ट दोनों भाग का इनबैलेंस होना, मानव का राईट ब्रेन का भाग इमोशनल और लेफ्ट ब्रेन का भाग लॉजिक से संबधित होता है। इसे हम सामान्य भाषा में दिल और दिमाग का कनेक्श्न कहते है। जिसका संतुलन नहीं होने से ईगो क्लेश होता है। उक्त बातें वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं मैनेजमेंट ट्रेनर ब्रह्माकुमारी उषा ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के 80 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल राजयोग शिविर में कहीं।भिलाई। सेल्फ डिसिप्लिन से व्यवहार में कुशलता आती है। भौतिक योग, व्यक्ति से योग, समय के साथ योग सभी योगों का सार है बैलेंस प्लस सेल्फ डिसिप्लिन। मन की अशांति का मुख्य कारण है ब्रेन के राईट और लेफ्ट दोनों भाग का इनबैलेंस होना, मानव का राईट ब्रेन का भाग इमोशनल और लेफ्ट ब्रेन का भाग लॉजिक से संबधित होता है। इसे हम सामान्य भाषा में दिल और दिमाग का कनेक्श्न कहते है। जिसका संतुलन नहीं होने से ईगो क्लेश होता है। उक्त बातें वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं मैनेजमेंट ट्रेनर ब्रह्माकुमारी उषा ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के 80 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशाल राजयोग शिविर में कहीं।

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आलू-प्याज के साथ लगती हैं झोलाछाप डॉक्टरों की भी दुकानें

छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर आदिवासी गांव कटकुही में डाक्टरों का भी साप्ताहिक बाजार लगता है। प्रत्येक शुक्रवार लगने वाले हाट में आलू-प्याज की दुकानों के बीच डाक्टरों की भी दुकान लगती है। गले में स्टेथोस्कोप और हाथ में इंजेक्शन लिए ये डाक्टर दवाओं के साथ यहां अपनी टेबल लगाते हैं।छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर आदिवासी गांव कटकुही में डाक्टरों का भी साप्ताहिक बाजार लगता है। प्रत्येक शुक्रवार लगने वाले हाट में आलू-प्याज की दुकानों के बीच झोलाछाप डाक्टरों की भी दुकान लगती है। गले में स्टेथोस्कोप और हाथ में इंजेक्शन लिए ये डाक्टर दवाओं के साथ यहां अपनी टेबल लगाते हैं। इन चिकित्सकों के पास कोई डिग्री नहीं है। इनका दावा है कि ये अपने अनुभव से बीमारियों को ताड़ लेते हैं और उसका सस्ता इलाज भी कर देते हैं। मरीज ठीक नहीं हुआ या उसकी हालत और बिगड़ गई तो वह सरकारी अस्पताल जा ही सकता है। 

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नेहरू नगर का गुरुद्वारा गुरूनानकसर रात को हो जाता है स्वर्ग से भी सुन्दर

भिलाई। वैसे तो अद्वितीय वास्तुशिल्प और निपुण कारीगरी के कारण नेहरू नगर का गुरुद्वारा गुरूनानकसर वैसे ही विख्यात है पर रात को इसकी अनुपम अद्भुत छटा कुछ और ही हो जाती है। दुर्ग या राजनांदगांव की तरफ से आने वाले लोगों को स्वर्ग में होने जैसी अनुभूति दे जाता है।भिलाई। वैसे तो अद्वितीय वास्तुशिल्प और निपुण कारीगरी के कारण नेहरू नगर का गुरुद्वारा गुरूनानकसर वैसे ही विख्यात है पर रात को इसकी अनुपम अद्भुत छटा कुछ और ही हो जाती है। दुर्ग या राजनांदगांव की तरफ से आने वाले लोगों को स्वर्ग में होने जैसी अनुभूति दे जाता है। यह गुरुद्वारा अपने धर्मार्थ चिकित्सालय और प्रतिदिन होने वाले लंगर की वजह से भी लोगों में खासा लोकप्रिय है।

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बच गए अनाज व्यापारियों के 45 लाख रुपए

भिलाई। भिलाई के अनाज व्यापारियों के लगभग 45 लाख रुपए बच गए हैं। इस राशि के लिए कृषि उपज मण्डी ने व्यापारियों को नोटिस दे रखा था और राशि नहीं जमा कराने पर लाइसेंस निरस्त कर देने की चेतावनी भी दी थी। नोटिस के खिलाफ लिंक रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल के नेतृत्व में संघर्ष किया गया और अंतत: नोटिस वापस हो गई। प्रमोद अग्रवाल छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मंत्री पद पर चुनाव लड़ रहे हैं। भिलाई। भिलाई के अनाज व्यापारियों के लगभग 45 लाख रुपए बच गए हैं। इस राशि के लिए कृषि उपज मण्डी ने व्यापारियों को नोटिस दे रखा था और राशि नहीं जमा कराने पर लाइसेंस निरस्त कर देने की चेतावनी भी दी थी। नोटिस के खिलाफ लिंक रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल के नेतृत्व में संघर्ष किया गया और अंतत: नोटिस वापस हो गई। प्रमोद अग्रवाल छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मंत्री पद पर चुनाव लड़ रहे हैं। 

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जवाहर मार्केट को डोम से करेंगे कवर, धूप-बारिश में नहीं होगी परेशानी

भिलाई। पावर हाउस का जवाहर मार्केट शहर का व्यस्ततम बाजार है। यह वह अकेला बाजार है जिसमें फोर व्हीलर्स की एंट्री दिन में नहीं होती। यहां पार्किंग के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। योजना है कि इस पूरे बाजार को एक विशाल डोम से ढंक दिया जाए। इसमें डिजिटल डिस्प्ले बोड्र्स भी लगाए जाएंगे। यदि ऐसा हो गया तो यहां किसी भी मौसम में शॉपिंग का आनंद लिया जा सकेगा। यह योजना बनाई थी जवाहर मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष मांगीलाल सोनी ने।भिलाई। पावर हाउस का जवाहर मार्केट शहर का व्यस्ततम बाजार है। यह वह अकेला बाजार है जिसमें फोर व्हीलर्स की एंट्री दिन में नहीं होती। यहां पार्किंग के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। योजना है कि इस पूरे बाजार को एक विशाल डोम से ढंक दिया जाए। इसमें डिजिटल डिस्प्ले बोड्र्स भी लगाए जाएंगे। यदि ऐसा हो गया तो यहां किसी भी मौसम में शॉपिंग का आनंद लिया जा सकेगा। यह योजना बनाई थी जवाहर मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष मांगीलाल सोनी ने। अपना तीसरा अध्यक्षीय कार्यकाल पूरा करने जा रहे मांगीलालजी फिलहाल छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। 

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पगला गई है ट्रांसफीमेल एक्ट्रेस जोया खान

Trans Female Zoya opts for adult filmsवडोदरा। ट्रांसफीमेल एक्ट्रेस जोया खान का जन्म एक पुरुष के रूप में हुआ। पर उसका सेक्स और मेंटल ओरिएंटेशन औरतों जैसा था। उसने सर्जरी कराई और युवती बन गई। वह यहीं नहीं रुकी बल्कि सर्जरी के जरिए अपने शरीर को सनी लिओनी जैसा लुक दिया। उसने फोटो शूट करवाए, ऑडिशन्स दिए और छोटे पर्दे पर आ गई। एक मॉडल के तौर पर उसने अपनी पहचान बना ली। पर वह इतने में ही संतुष्ट नहीं है। अब उसने अडल्ट फिल्म इंडस्ट्री में जाने की घोषणा कर दी है।

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अस्पताल ने की आनाकानी, प्रसूता ने नाले में दिया बच्चे को जन्म

कांकेर। राज्य की सीमा से लगे कोरापुट (ओडिशा) के जिला अस्पताल में प्रसव कराने पहुंची गर्भवती को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। इससे महिला ने अस्पताल के पास ही सूखे नाले में नवजात को जन्म दिया।कांकेर। राज्य की सीमा से लगे कोरापुट (ओडिशा) के जिला अस्पताल में प्रसव कराने पहुंची गर्भवती को अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। इससे महिला ने अस्पताल के पास ही सूखे नाले में नवजात को जन्म दिया। बताया जा रहा कि प्रसूता प्रसव पीड़ा के चलते अपने पति रघु मृदुली के साथ अस्पताल पहुंची थी, मगर दस्तावेज न होने से अस्पताल प्रबंधन ने प्रसूता को भर्ती करने में आनाकानी की। 

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मिस इंडिया-2018 ग्रेंड फिनाले में पहुंची बस्तर की आइशा लारेंस

कांकेर। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में चल रहे एएफटी मिस इंडिया-2018 के ग्रड फिनाले में बस्तर की बेटी आइशा लॉरेंस सिंह भी पहुंच चुकी हैं। लारेंस, इस संभाग की पहली प्रतिभागी हैं। प्रतियोगिता का फाइनल अप्रैल में बंगलुरु में होने की संभावना है। आइशा लारेंस, नगर के राजापारा वार्ड में बचपन गुजारने के बाद कुछ दिनों तक भानुप्रतापपुर में भी रहीं।कांकेर। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में चल रहे एएफटी मिस इंडिया-2018 के ग्रड फिनाले में बस्तर की बेटी आइशा लॉरेंस सिंह भी पहुंच चुकी हैं। लारेंस, इस संभाग की पहली प्रतिभागी हैं। प्रतियोगिता का फाइनल अप्रैल में बंगलुरु में होने की संभावना है। आइशा लारेंस, नगर के राजापारा वार्ड में बचपन गुजारने के बाद कुछ दिनों तक भानुप्रतापपुर में भी रहीं। वर्तमान में उनकी मां जॉयस लॉरेंस सिंह जगदलपुर में शिक्षिका हैं। 

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विजय दिवस: भारतीय सेना जहां-जहां कदम रखती गई वहां विजय मिलती गई

कोलकाता : 1971 में पाकिस्तान पर मिली ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय सेना के ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) बीके पंवार के अनुसार इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना का मौत इंतजार कर रही थी। भारतीय सेना जहां-जहां कदम रखती गई वहां विजय मिलती गई।कोलकाता : 1971 में पाकिस्तान पर मिली ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाने वाले भारतीय सेना के ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) बीके पंवार के अनुसार इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना का मौत इंतजार कर रही थी। भारतीय सेना जहां-जहां कदम रखती गई वहां विजय मिलती गई। लड़ाई लड़ते हुए चारों तरफ पाकिस्तानी सेनाओं की लाश बिछा दी और उनके मंसूबे ध्वस्त कर दिए। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम रहा कि 93000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने समर्पण कर दिया। 

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