Category Archives: interviews

अष्टांग योग सीखने भिलाई आ पहुंची बुल्गारिया की बेटी थियोडोरा

Theodora Mavrova comes to India to learn Ashtang Yogaभिलाई। क्या कोई कल्पना कर सकता है कि एक युवती किसी ऐसे देश की यात्रा कर सकती है जहां की कोई भी भाषा उसे न आती हो। थियोडोरा मावरोवा को बुल्गारियाई भाषा के अलावा कोई और भाषा नहीं आती। किसी तरह अंग्रेजी में काम चला लेती हैं। पर अष्टांग योग सीखने की ललक उन्हें भारत की धरती पर ले आती है और वह भिलाई से इसकी शुरुआत करती है। वे स्वामी श्रीस्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय हुडको भिलाई में आयोजित योग कार्यशाला में शामिल होती हैं और उसे अपनी भाषा में संबोधित भी करती हैं।

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किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए व्यक्ति का संवेदनशील होना जरूरी : रघुरामन

संतोष रूंगटा कैम्पस में करियर मोटिवेशन वर्कशॉप ‘मार्गदर्शन’ में दिए टिप्स

N Raghuraman motivates students to recognize their potentialभिलाई। लाइफ कोच एवं स्तंभकार एन रघुरामन का मानना है कि किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए व्यक्ति का संवेदनशील होना जरूरी है। लोगों की जरूरतों को समझकर ही हम उनके लिए कुछ कर सकते हैं। यह बात सेवा, शोध, नवोन्मेष सभी क्षेत्रों में लागू होती है। श्री रघुरामन यहां संतोष रूंगटा समूह द्वारा स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित ‘मार्गदर्शन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दूसरों की जरूरतों के प्रति संवेदना ही विकास का मूलमंत्र है।

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सुन्दरता तो चली जाएगी, रह जाएगा केवल आपका खूबसूरत कार्य : मिसेस इंडिया यूनिवर्स तृषा

भिलाई। मिसेस इंडिया यूनिवर्स-अर्थ तृषा बी. तोमर का मानना है कि दैहिक सुन्दरता की एक उम्र होती है जिसके बाद उसे जाना होता है। पीछे रह जाता है केवल आपका सुन्दर कार्य। इसलिए वे कुछ ऐसा करना चाहेंगी जिससे न केवल उन्हें व्यक्तिगत सुकून मिले बल्कि लोगों को भी इसका लाभ मिले और मिलता रहे। तृषा ने हाल ही में मॉरीशस में यह खिताब जीता। उन्हें आइकोनिक आईज और ब्यूटीफुल वुमन ऑफ़ द ईयर का खिताब भी दिया गया।भिलाई। मिसेस इंडिया यूनिवर्स-अर्थ तृषा बी. तोमर का मानना है कि दैहिक सुन्दरता की एक उम्र होती है जिसके बाद उसे जाना होता है। पीछे रह जाता है केवल आपका सुन्दर कार्य। इसलिए वे कुछ ऐसा करना चाहेंगी जिससे न केवल उन्हें व्यक्तिगत सुकून मिले बल्कि लोगों को भी इसका लाभ मिले और मिलता रहे। तृषा ने हाल ही में मॉरीशस में यह खिताब जीता। उन्हें आइकोनिक आईज और ब्यूटीफुल वुमन ऑफ़ द ईयर का खिताब भी दिया गया।

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जहां जाकर आप प्रयास छोड़ते हैं, सफलता उससे कुछ ही दूर होती है : कुलपति डॉ पल्टा

स्वरूपानंद महाविद्यालय में कृति विद्यार्थियों का सम्मान एवं पारितोषिक वितरण

भिलाई। हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति डॉ अरुणा पल्टा ने आज विद्यार्थियों से निरंतर प्रयास करते रहने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां जाकर हम प्रयास करना बंद कर देते हैं, सफलता उससे बस कुछ ही दूर होती है। अकसर हम प्रयासों को जहां छोड़ते हैं वहां से उसे कोई और आगे ले जाता है और सफलता का सेहरा उसके सिर बंध जाता है। डॉ पल्टा यहां स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में कृति विद्यार्थियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं।भिलाई। हेमचंद विश्वविद्यालय दुर्ग की कुलपति डॉ अरुणा पल्टा ने आज विद्यार्थियों से निरंतर प्रयास करते रहने को कहा। उन्होंने कहा कि जहां जाकर हम प्रयास करना बंद कर देते हैं, सफलता उससे बस कुछ ही दूर होती है। अकसर हम प्रयासों को जहां छोड़ते हैं वहां से उसे कोई और आगे ले जाता है और सफलता का सेहरा उसके सिर बंध जाता है। डॉ पल्टा यहां स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में कृति विद्यार्थियों के सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं।

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नंदिनी के चित्रों में छत्तीसगढ़ी लोक जीवन की झलक, रायपुर के गौरव गार्डन में प्रदर्शनी आज

दुर्ग। शहर की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार नंदिनी वर्मा की पेंटिंग्स आज रायपुर के गौरव गार्डन में ‘द लोकल’ कार्यक्रम के तहत प्रदर्शित की गई हैं। उनकी तूलिका छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जन जीवन को एक अलग नजरिये से देखती हैं। फ्लो ऑफ़ लाइफ (जीवन-धारा) की उनकी यह अभिव्यक्ति अपने परिवेश से उनके जुड़ाव को रेखांकित करती हैं। इससे पहले उनकी कृतियां देश विदेश की अनेक आर्ट गैलरियों में प्रदर्शित हो चुकी हैं।दुर्ग। शहर की अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चित्रकार नंदिनी वर्मा की पेंटिंग्स आज रायपुर के गौरव गार्डन में ‘द लोकल’ कार्यक्रम के तहत प्रदर्शित की गई हैं। उनकी तूलिका छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जन जीवन को एक अलग नजरिये से देखती हैं। फ्लो ऑफ़ लाइफ (जीवन-धारा) की उनकी यह अभिव्यक्ति अपने परिवेश से उनके जुड़ाव को रेखांकित करती हैं। इससे पहले उनकी कृतियां देश विदेश की अनेक आर्ट गैलरियों में प्रदर्शित हो चुकी हैं।

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हाथकरघा और खादी पर टिका है फैशन का भविष्य : रोहन परियार

दुर्ग। फैशन डिजाइन रोहन परियार का मानना है कि हाथकरघा और खादी ही फैशन का भविष्य है। भारत में भले ही लोग अब भी किफायती सिंथेटिक पसंद कर रहे हैं पर पर्यावरण के प्रति जागरूक विकसित राष्ट्रों में हाथकरघे से निर्मित फैब्रिक और परिधानों की अच्छी खासी डिमांड है। कोलकाता की प्रख्यात डिजाइनर शरबरी दत्ता की टीम के सदस्य रोहन मिलान फैशन वीक में शिरकत कर चुके हैं। यहां अविश एडुकॉम द्वारा आयोजित करियर सेमीनार को संबोधित करते हुए रोहन ने बताया कि हाथकरघे का मतलब आम तौर पर लोग खादी समझ लेते हैं जबकि ऐसा नहीं है। कांचीपुरम, माहेश्वरी, बाघ प्रिंट, चंदेरी, टसर सिल्क, बनारसी सिल्क, बालूचरी, सम्बलपुरी, कांथा स्टिच, बंधिनी, मूंगा सभी हाथकरघे पर बनती हैं।दुर्ग। फैशन डिजाइन रोहन परियार का मानना है कि हाथकरघा और खादी ही फैशन का भविष्य है। भारत में भले ही लोग अब भी किफायती सिंथेटिक पसंद कर रहे हैं पर पर्यावरण के प्रति जागरूक विकसित राष्ट्रों में हाथकरघे से निर्मित फैब्रिक और परिधानों की अच्छी खासी डिमांड है। कोलकाता की प्रख्यात डिजाइनर शरबरी दत्ता की टीम के सदस्य रोहन मिलान फैशन वीक में शिरकत कर चुके हैं। यहां अविश एडुकॉम द्वारा आयोजित करियर सेमीनार को संबोधित करते हुए रोहन ने बताया कि हाथकरघे का मतलब आम तौर पर लोग खादी समझ लेते हैं जबकि ऐसा नहीं है। कांचीपुरम, माहेश्वरी, बाघ प्रिंट, चंदेरी, टसर सिल्क, बनारसी सिल्क, बालूचरी, सम्बलपुरी, कांथा स्टिच, बंधिनी, मूंगा सभी हाथकरघे पर बनती हैं।

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टीबीएम : सांस की तकलीफ, खांसी और घरघराहट का इलाज संभव

रायपुर। ट्रैकियोब्रोंकियलमलसिया या टीबीएम उन बीमारियों में से एक है जिसके बारे में बहुत कम जागरूकता है। जब सांस की तकलीफ, खांसी और घरघराहट के अन्य इलाज विफल हो जाते हैं तब कहीं जाकर रोगी की इस स्थिति की ओर ध्यान जाता है। ऐसा श्वांस नली में सिकुड़न के कारण होता है। टीबीएम के क्षेत्र में शोध कर रहे डॉ सिधु पी गंगाधरन बताते हैं कि अब तक सर्जरी से ही इसका इलाज संभव हो पाया है।रायपुर। ट्रैकियोब्रोंकियलमलसिया या टीबीएम उन बीमारियों में से एक है जिसके बारे में बहुत कम जागरूकता है। जब सांस की तकलीफ, खांसी और घरघराहट के अन्य इलाज विफल हो जाते हैं तब कहीं जाकर रोगी की इस स्थिति की ओर ध्यान जाता है। ऐसा श्वांस नली में सिकुड़न के कारण होता है। टीबीएम के क्षेत्र में शोध कर रहे डॉ सिधु पी गंगाधरन बताते हैं कि अब तक सर्जरी से ही इसका इलाज संभव हो पाया है।

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बड़ा लक्ष्य साधना हो तो कहीं से भी करें शुरुआत, खुलते जाएंगे रास्ते : शिखा

मिसेज डिवा इंटरनेशनलभिलाई। मिसेज यूनिवर्स की फाइनलिस्ट शिखा साहू का मानना है कि बड़ा लक्ष्य साधना हो तो जहां से भी अवसर मिले शुरुआत कर देनी चाहिए। 2017 में प्राइड आफ छत्तीसगढ़ से अपनी यात्रा प्रारंभ करने वाली शिखा साहू फिलहाल मिसेज डिवा इंटरनेशनल में भाग लेने के लिए नई दिल्ली में हैं। अपने निवास पर इस प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिये यह सफर आसान नहीं रहा। पर पति के प्रोत्साहन एवं स्वयं की मेहनत से वे धीरे-धीरे आगे बढ़ती रहीं।

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मिसेज इंडिया यूनिवर्स अंजू साहू की पहली प्राथमिकता परिवार

Miss India Universe Anju Sahuभिलाई। अब तक तीन ब्यूटी पेजेन्ट जीत चुकीं अंजू साहू अपने परिवार और संस्कारों को पहली प्राथमिकता देती हैं। हाल ही में वायरस फिल्मस एंड एंटरटेनमेन्ट द्वारा आयोजित मिस/मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2019 में उन्हें मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2019 ब्यूटीफुल हेयर के खिताब से नवाजा गया है। इससे पहले कोरबा में मिस इंटेलेक्चुअल, 2010 में बेस्ट आंसर तथा 2018 में उन्हें प्राइड आॅफ छत्तीसगढ़ के खिताब से नवाजा जा चुका है। मिसेज इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीतने के बाद गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के यहां उनका सम्मान किया गया। पूर्व केबिनेट मंत्री रमशीला साहू ने भी उनका अभिनन्दन किया। स्थानीय पार्षद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीपति राजू ने भी घर पहुंचकर उन्हें बधाई दी। समाज द्वारा विभिन्न मंचों पर उनका स्वागत किया गया।

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अधिकांश लोगों को नहीं होती मानसिक व्याधियों की पहचान : डॉ गुप्ता

Dr Pramod Gupta Psychiatristदेवादा। पिछले दो दशक से भी अधिक समय से मनोरोगियों के प्रति जागरूकता एवं उनके पुनर्वास की दिशा में काम कर रहे प्रसिद्ध मनोरोग चिकित्सक डॉ प्रमोद गुप्ता का मानना है कि आज भी लोगों में मानसिक व्याधियों को लेकर स्पष्ट धारणा नहीं है। समाज आज भी मनोरोग चिकित्सकों को पागल डाक्टर कहते हैं। पागल कहलाने के डर से लोग अपनी समस्याओं को लेकर मनोरोग चिकित्सालयों में आने से कतराते हैं।

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