Category Archives: interviews

“कागपंथ” के लिए श्वेता पड्डा को मिला बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड

film Kagpanth Shweta Padda Best Actressभिलाई। शहर की श्वेता पड्डा को फिल्म “कागपंथ” के लिए बेस्ट एक्ट्रेस अवार्ड प्रदान किया गया है। 45 मिनट के इस शार्ट फिल्म को 5 में से 4 अवार्ड झटकने का सौभाग्य मिला है। यह फिल्म पूर्वाग्रह से ग्रस्त समाज की सोच और उससे होने वाली त्रासदी का खूबसूरत चित्रण करती है। यहां होटल ग्रांड ढिल्लन में पत्रकारों के साथ अपनी उपलब्धि को शेयर करते हुए श्वेता कहती हैं कि फिल्म को हरियाणा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीन किया गया। फिल्म के दृश्य लोगों को रुलाते रहे, हंसाते रहे और दर्शक मस्ती में झूमते नाचते भी देखे गए।

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दिलीप कुमार साहब एक खूबसूरत संजीदा कलाकार और उससे बेहतर इंसान, सालता रहा बेऔलाद होने का गम

'मुगले आजम', 'मधुमती', 'देवदास' और 'गंगा जमुना' जैसी बेहतरीन फिल्मों में अपने यादगार अभिनय के लिए याद किए जाने वाले दिलीप कुमार आज 95 साल के हो गए। इसी साल अगस्त में वे अस्वस्थ हुए तो उनके मरने की खबर आ गई थी किन्तु उन्होंने मौत को चकमा दे दिया और घर लौट आए। उनकी पत्नी सायरा बानो ने तक कहा कि उनका घर लौट आना एक चमत्कार था। दिलीप कुमार और सायरा बानो बॉलीवुड के सबसे पुरानी जोड़ी में से एक है। सायरा बानो के मुताबिक दिलीप कुमार को वह तब से चाहती थीं जब वो केवल 12 साल की थीं। 1952 में रिलीज हुई 'दाग' में दिलीप कुमार को देखने के बाद वे उन्हें अपना दिल दे बैठी थीं। खूबसूरती की मिसाल सायरा बानो और मिस्टर हैंडसम दिलीप कुमार की मगर कोई संतान नहीं है। ‘मुगले आजम’, ‘मधुमती’, ‘देवदास’ और ‘गंगा जमुना’ जैसी बेहतरीन फिल्मों में अपने यादगार अभिनय के लिए याद किए जाने वाले दिलीप कुमार आज 95 साल के हो गए। इसी साल अगस्त में वे अस्वस्थ हुए तो उनके मरने की खबर आ गई थी किन्तु उन्होंने मौत को चकमा दे दिया और घर लौट आए। उनकी पत्नी सायरा बानो ने तक कहा कि उनका घर लौट आना एक चमत्कार था। दिलीप कुमार और सायरा बानो बॉलीवुड के सबसे पुरानी जोड़ी में से एक है। सायरा बानो के मुताबिक दिलीप कुमार को वह तब से चाहती थीं जब वो केवल 12 साल की थीं। 1952 में रिलीज हुई ‘दाग’ में दिलीप कुमार को देखने के बाद वे उन्हें अपना दिल दे बैठी थीं। खूबसूरती की मिसाल सायरा बानो और मिस्टर हैंडसम दिलीप कुमार की मगर कोई संतान नहीं है। 

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सुहानी शाह ने दूसरी में पढ़ाई छोड़ी और आज कारपोरेट ट्रेनर

Suhani-Shah-Santosh-Raiभिलाई। सुहानी शाह ने दूसरी में औपचारिक शिक्षा का त्याग कर दिया और अपने पसंदीदा क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया। सात साल की उम्र में अपना पहला शो करने वाली सुहानी की उम्र अभी 27 साल है और उनके पीछे 20 साल का लंबा सफल करियर है। सुहानी जादू के शो करती हैं। पणजी में माइंड केयर क्लिनिक चलाती हैं। उनकी 5 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

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गायत्री परिवार ने नक्सल प्रभावित सात जिलों को गोद लिया

रायपुर। गायत्री परिवार ने नक्सल प्रभावित सात जिलों को गोद लिया है। अशांत जिलों में दंडकारण्य परियोजना शुरू की जाएगी। शांति के लिए आध्यात्मिक, सामाजिक और भौतिक प्रगति करने में गायत्री परिवार विशेष योगदान देगा।रायपुर। गायत्री परिवार ने नक्सल प्रभावित सात जिलों को गोद लिया है। अशांत जिलों में दंडकारण्य परियोजना शुरू की जाएगी। शांति के लिए आध्यात्मिक, सामाजिक और भौतिक प्रगति करने में गायत्री परिवार विशेष योगदान देगा। छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए गायत्री परिवार हरिद्वार के प्रमुख प्रणव पंड्या राजनीति, धर्म, धर्मगुरु और नक्सलवाद पर खुलकर बोले।
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25 की सिग्मा का 22.5 साल का थिएटर करियर

Sigma-Upadhyay-Sets भिलाई। मशहूर थिएटर आर्टिस्ट विभाष एवं अनिता उपाध्याय की बेटी सिग्मा अभी सिर्फ 25 साल की है पर थिएटर का उसका अनुभव 22.5 का हो गया है। सिग्मा 22 अक्टूबर की शाम एसएनजी विद्याभवन में 7 स्टेप्स अराउंड द फायर (अग्नि के सात फेरे) का मंचन करने जा रही हैं। इस अंतरराष्ट्रीय प्ले का अनुवाद, परिकल्पना एवं निर्देशन सिग्मा ने ही किया है। 

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पाण्डेजी जैसा सरल स्वभाव का मंत्री नहीं देखा : राजू श्रीवास्तव

भिलाई। मशहूर स्टैण्डअप कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने आज कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय से मिलकर वे बहुत प्रभावित हुए। उनसे मिलने के बाद लगा ही नहीं कि ये इतने सारे पोर्टफोलियो संभालने वाले एक वरिष्ठ मंत्री हैं।भिलाई। मशहूर स्टैण्डअप कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने आज कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के केबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय से मिलकर वे बहुत प्रभावित हुए। उनसे मिलने के बाद लगा ही नहीं कि ये इतने सारे पोर्टफोलियो संभालने वाले एक वरिष्ठ मंत्री हैं। होटल ग्रांड ढिल्लन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि श्री पाण्डेय से उनकी मुलाकातें छत्तीसगढ़ के अलावा यूपी में भी हुई है। जब वे पहली बार मिले तो उन्हें नहीं पता था कि वे इतने सीनियर पॉलिटिशियन हैं। वे उसी सरलता से सभी लोगों से मिलते। विभिन्न विषयों पर सारगर्भित बातें होतीं। उनके ज्ञान के स्तर ने भी उन्हें बहुत प्रभावित किया।

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मेगा स्टार अमिताभ बच्चन ने कभी काम करना नहीं छोड़ा इसलिए टिके हुए : राजू श्रीवास्तव

सुपरस्टार बच्चन ने कभी काम करना नहीं छोड़ा इसलिए टिके हुए : राजू श्रीवास्तव भिलाई। प्रसिद्ध कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने कहा है कि आप कितने भी बड़े तोपचंद क्यों न हों, यदि आपने काम करना छोड़ दिया और वक्त से साथ नहीं बदले तो दुनिया बहुत जल्द आपको भुला देती है। मेगा स्टार अमिताभ बच्चन और उनके समकालीन कलाकारों को देखकर इसे समझा जा सकता है।भिलाई। प्रसिद्ध कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव ने कहा है कि आप कितने भी बड़े तोपचंद क्यों न हों, यदि आपने काम करना छोड़ दिया और वक्त से साथ नहीं बदले तो दुनिया बहुत जल्द आपको भुला देती है। मेगा स्टार अमिताभ बच्चन और उनके समकालीन कलाकारों को देखकर इसे समझा जा सकता है। अमित जी ने कभी काम करना नहीं छोड़ा। पहले एंग्री यंग मैन, फिर मच्योर कलाकार, फिर पिता और अब दादा की भूमिका में भी वे लगातार काम कर रहे हैं और लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता बरकरार है। 

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अपनी काबीलियत से देश की पहली महिला रक्षामंत्री बनी निर्मला सीतारमन

अपनी काबीलियत से देश की पहली महिला रक्षामंत्री बनी निर्मला सीतारमन हिन्दी कैसी भी हो बातों में दम होना चाहिए। इसे साबित कर दिखाया है देश की पहली पूर्ण कालिक महिला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने। विशुद्ध रूप से अपनी काबीलियत से अपनी जगह बनाने वाली तमिलनाडू की निर्मला ने उच्च शिक्षा जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से हासिल की। यहां एक फ्री थिंकर के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई।

Defence Minister NIrmala Sitaraman

हिन्दी कैसी भी हो बातों में दम होना चाहिए। इसे साबित कर दिखाया है देश की पहली पूर्ण कालिक महिला रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन ने। विशुद्ध रूप से अपनी काबीलियत से अपनी जगह बनाने वाली तमिलनाडू की निर्मला ने उच्च शिक्षा जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से हासिल की। यहां एक फ्री थिंकर के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही उनके लिए आलोच्य विषय थे।

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नैशनल अवॉर्ड में भी पक्षपात होता है: तापसी पन्नू

Tapsee-Pannuतापसी पन्नू इन दिनों ‘जुड़वा 2′ के प्रमोशन में जी-जान से जुटी हैं। बॉलीवुड में उन्होंने अपना खास मुकाम बनाया है। पर जब बात अवार्ड की आती है तो वे बेबाकी से कहती हैं कि इसके लिए जिस रणनीति और कूटनीति की जरूरत होती है, वह उनके बस में नहीं। पिछले दिनों कंगना रनौत ने भी अवॉर्ड समारोह को लेकर कहा था कि सारे अवॉर्ड समारोह फर्जी होते हैं। तापसी ने नैशनल अवॉर्ड पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसे भी पसंदीदा लोगों को खुश करने की बीमारी लग गई है। उन्होंने कहा, करीना कपूर भी कहती हैं कि वे अवार्ड नहीं रिवार्ड में यकीन करती हैं। 

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फोटो खिंचवाना ही मॉडलिंग नहीं होती : प्राची अग्रवाल

रैंप पर चलना या फोटो खिंचवाना ही मॉडलिंग नहीं होतीरायपुर। रैंप पर चलना या फोटो खिंचवाना ही मॉडलिंग नहीं होती। मॉडल बहुत लोग होते हैं, पर सुपर मॉडल कोई एक ही बन पाता है। बिना लगन और तैयारी के आप कुछ नहीं कर सकते। मिसेस इंडिया 2017 रही प्राची अग्रवाल ने बताया कि मॉडलिंग के लिए सब कुछ परफेक्ट होना चाहिए। आपकी पर्सनालिटी में दिखना चाहिए कि आप मॉडल हैं। उन्होंने बताया कि मेरे पति मिलिंद अग्रवाल ने मेरा पुरा सर्पोट किया और उनके कारण ही मैं मॉडलिंग के लिए आगे बढ़ी।

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सही उम्र में करें विवाह और बच्चे, वरना होगी मुश्किल

dr rekha ratnaniभिलाई। करियर गढ़ते गढ़ते कहीं ऐसा न हो कि जीवन और विवाह का उद्देश्य ही खत्म हो जाए। सही उम्र में विवाह करें, संतान पैदा करें। करियर इसके बाद भी आगे बढ़ सकता है। उक्त बातें प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं आईवीएफ स्पेशलिस्ट डॉ. रेखा रत्नानी ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि आज करियर गढऩे के जोश में हम होश गंवा बैठे हैं और बढ़ी हुई उम्र में विवाह कर रहे हैं। 30 से अधिक उम्र में विवाह करने वाले कपल्स में से लगभग 40 फीसदी को गभर्धारण करने में दिक्कत होती है। इसके बाद भी वे गंडा, ताबीज, बाबाओं और नीम हकीमों के चक्कर में पड़कर अपना कीमती वक्त जाया करते हैं। जब वे किसी फर्टिलिटी विशेषज्ञ के पास पहुंचते हैं काफी देर हो चुकी होती है।

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ताम्रध्वज : निर्भीक निरंतरता के तीन वर्ष

दुर्ग। छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के एकमात्र कांग्रेस सांसद ताम्रध्वज साहू अपनी सोच की स्पष्टता और अभिव्यक्ति की निडरता के लिए भी जाने जाते हैं। सरल सौम्य स्वभाव के ताम्रध्वज सभी वर्ग के लोगों में सहजता से घुलमिल जाते हैं और बेबाकी के साथ अपनी राय भी रखते हैं। अपने संसदीय कार्यकाल के तीन वर्षों में वे अकेले ऐसे सांसद हैं जिन्होंने अपनी निधि के पूरे पांच करोड़ रुपयों से विकास कार्यों की अनुशंसा की और कार्यप्रगति की निरंतर समीक्षा करते रहे।

दुर्ग। छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के एकमात्र सांसद ताम्रध्वज साहू अपनी सोच की स्पष्टता और अभिव्यक्ति की निडरता के लिए भी जाने जाते हैं। सरल सौम्य स्वभाव के ताम्रध्वज सभी वर्ग के लोगों में सहजता से घुलमिल जाते हैं और बेबाकी के साथ अपनी राय भी रखते हैं। अपने संसदीय कार्यकाल के तीन वर्षों में वे अकेले ऐसे सांसद हैं जिन्होंने अपनी निधि के पूरे पांच करोड़ रुपयों से विकास कार्यों की अनुशंसा की और कार्यप्रगति की निरंतर समीक्षा करते रहे। लोग उनसे अपने दिल की बात कहने में जरा भी संकोच नहीं करते। राजनीतिक उठापटक से वे स्वयं को पृथक ही रखते हैं और अपने समय का सदुपयोग करने में यकीन करते हैं। वे वैज्ञानिक परम्पराओं और आधुनिक विकास के बीच की कड़ी तलाशते दिखते हैं। उनके वक्तव्यों में बार-बार प्रकृति से सामंजस्य बैठाने का जिक्र आता है। उनकी वाणी भी उनकी सोच की तरह ही स्पष्ट है।

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मिरर इमेज लिखने के शोक से रचा इतिहास

piyush-goyal-mirror-imageलखनऊ। सेल्फी में आपके बायें गाल का तिल, आपकी दायीं गाल पर दिखता है। आईने में भी ऐसा ही होता है। इसे मिरर इमेज कहते हैं। दादरी के पीयूष गोयल लिखते मिरर इमेज में हैं। यानी इनकी किताबें पढऩे के लिए दर्पण की जरूरत होगी। पीयूष ने प्रसिद्ध ग्रंथों को मिरर इमेज में लिखा है। उल्टे अक्षरों में गीता, सुई की नोक से मधुशाला, मेंहंदी कोन से गीतांजलि, कार्बन पेपर से पंचतंत्र के साथ ही कील से पीयूष वाणी लिख डाली।  श्रीमती रविकांता एवं डॉ. दवेंद्र कुमार गोयल के 49 वर्षीय बेटे पीयूष ने पांच प्रसिद्ध पुस्तकों को पांच तरीके से लिख डाला। डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग का पढ़ाई करने वाले पीयूष गोयल का 2000 में एक्सीडेंट हो गया था। इस हादसे से उबरने में करीब नौ माह लग गए। जब वे ठीक हुए तो कुछ अलग करने की जिजीविषा पाले वे शब्दों को उल्टा (मिरर शैली) लिखने का प्रयास करने लगे। फिर अभ्यास ऐसा बना कि उन्होंने कई किताबें लिख दीं। गोयल की लिखीं पुस्तकें पढऩे के लिए आपको दर्पण का सहारा लेना पड़ेगा। उल्टे लिखे अक्षर दर्पण में सीधे दिखाई देंगे और आप आसानी से उसे पढ़ लेंगे।

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तफरी में जंगल एंटरटेनमेंट्स मचा रही धूम

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Bhilai Sunday Tafree

संडे तफरी में धूम मचा रहा जंगल एंटरटेनमेंट्स
भिलाई। संडे तफरी का खास हिस्सा जंगल एंटरटेनमेंट्स की मीनाक्षी गौतम का मानना है कि डांस केवल मस्ती नहीं है। डांस एनर्जी लेवल को बूस्ट करता है, एक्सट्रा कैलोरीज को जलाता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। डांसिंग आपको कई बीमारियों से बचाता है। डांस का असली मजा तो इसे करने में है। Watch Video

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जिन्दगी का गीत गुनगुनाना होगा : जुबिन नौटियाल

sstc bhilaiभिलाई। युवा पाश्र्व गायक जुबिन नौटियाल का मानना है कि जिन्दगी एक गीत है जिसे हर किसी को इसे गुनगुनाना चाहिए। जीवन के हर पल को खूबसूरती से, प्यार से जीना चाहिए। श्री शंकराचार्य टेक्नीकल कैम्पस में आयोजित संविद-17 के अंतिम दिन अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करने से पूर्व उन्होंने कहा कि जिंदगी के हर एक पल को बड़े ही प्यार, सम्मान और इज्जत के साथ जीना चाहिये क्यूकी मानव जीवन अनमोल हैं और सदियों से मानव का संगीत से गहरा नाता रहा है।

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