उच्च शिक्षा में परिवर्तन को प्राध्यापक एवं विधार्थी दोनों स्वीकारें- ताम्रध्वज साहू

Faculty development programme at durg universityदुर्ग। वर्तमान कोविड-19 की संकट की घड़ी में उच्च शिक्षा में हो रहें विभिन्न परिवर्तनों करे प्राध्यापकों एवं विधार्थियों एवं दोनो स्वीकारना चाहिए। पुरानी तथा नई पीढ़ी दोनो को चुनौतियों को अवसर में बदलने का हुनर सीखना होगा। ये उदगार छ.ग. प्रदेश के गृह जेल लोक निर्माण, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने आज व्यक्त किये। श्री साहू आज हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग तथा शास. विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर, स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ऑनलाईन फैक्लटी डेवलेपमेंट प्रोग्राम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। श्री साहू ने अपने उद्बोधन में लगभग 600 महाविद्यालयीन प्राध्यापकों, प्राचार्यों को ऑनलाईन संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऑनलाईन शिक्षण प्रणाली के हर बिन्दु पर ध्यान से विचार मंथन करना होगा। आने वाला समय चुनौतियों से पूर्ण होगा। अतः हमें स्वयं को तैयार रखना चाहिए। श्री साहू ने कोविड-19 की अवधि में दुर्ग विश्वविद्यालय एवं साइंस कॉलेज दुर्ग द्वारा आयोजित रचनात्मक गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों का भी अनुसरण करना चाहिए।
इससे पूर्व समापन समारोह में दुर्ग विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ प्रशान्त श्रीवास्तव ने फैकल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्राम के उद्देश्यों तथा 10 दिनों तक आयोजित आमंत्रित व्याख्यानों की विस्तार से जानकारी दी। डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि ईग्नू नई दिल्ली के डॉ संजीव कुमार, विक्रम विश्वविद्यालय , उज्जैन के डॉ रूबल वर्मा, रायपुर के उच्च शिक्षा संचालनालय के डॉ जी. ए. घनश्याम, दुर्ग विश्वविद्यालय के डॉ प्रशान्त श्रीवास्तव, कोरबा के डॉ संदीप शुक्ला, बिलासपुर विश्वविद्यालय के डॉ एच. एस. होता, बेमेतरा के डॉ विकास पंचाक्षरी, रायपुर देवेन्द्र नगर कन्या महाविद्यालय, के प्राचार्य डॉ उषा किरण अग्रवाल एवं पं. रविशंकर वि.वि. रायुपर के डॉ कल्लोल घोष ने सभी 500 प्रतिभागी प्राध्यापकों को ऑनलाईन शिक्षण प्रणाली की विस्तृत एवं सूक्ष्म जानकारी प्रदान की।
अपने स्वागत भाषण में दुर्ग विश्वविद्यालय की कुलपति, डॉ अरूणा पल्टा ने कोविड-19 संकट की लगभग 5 माह की अवधि के दौरान प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का मनोबल उंचा बनाये रखने हेतु दुर्ग विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विभिन्न ऑनलाईन रचनात्मक कार्यो की जानकारी दी डॉ पल्टा ने बताया कि आगामी 04 अगस्त को दोपहर 12.00 बजे महामहिम राज्यपाल ’’उच्च शिक्षा का सामाजिक सरोकार’’ विषय पर आयोजित एन.एस.एस. इकाई के वेबीनार में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होगी। राज्यपाल के सचिव सोनमणि बोरा का आमंत्रित व्याख्यान भी होगा। समापन समारोह में रिसोर्स पर्सन डॉ उषा किरण अग्रवाल प्रतिभागी प्राध्यापक डॉ शकील हुसैन तथा राजनांदगाव की डॉ अनिता साहा ने अपने फीडबैक साझा किये। अंत में साइंस कॉलेज, दुर्ग के प्राचार्य डॉ आर. एन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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