सिर्फ डिस्काउन्ट से कुछ नहीं होता, वाजिब कीमत और गुणवत्ता भी जरूरी

एमजे कालेज के वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों ने किया टीआई मॉल का सर्वे

Discounts fail to convert crowd into customersभिलाई। एमजे कालेज के वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के विद्यार्थियों ने आज सूर्या ट्रेजर आइलैण्ड मॉल का सर्वे किया। उन्होंने पाया कि 40 से 200 फीसदी तक डिस्काउंट के ऑफर भी अब ग्राहकों को नहीं लुभा रहे। 80 फीसदी से अधिक ग्राहक डिस्काउन्ट कूपन्स का उपयोग नहीं करते। ग्राहक वाजिब मूल्य पर गुणवत्ता की मांग करते हैं। खरीदी पर ब्राण्ड का भी केवल आंशिक असर होता है। यह अध्ययन महाविद्यालय की निदेशक डॉ श्रीलेखा विरुलकर के दिशानिर्देशन तथा प्राचार्य डॉ अनिल कुमार चौबे के मार्गदर्शन में किया गया। Discounts fail to convert crowd into customersएमजे कालेज के वाणिज्य के विद्यार्थी रितिक, अरबाज, अभिषेक, आयुष, आस्था दुबे, सुबी सिंह एवं आस्था सिंह ने अपने विषय व्यावसायिक पर्यावरण के तहत सूर्या ट्रेजर आइलैण्ड मॉल का अध्ययन किया। मॉल के दो प्रवेश द्वारों से होने वाले फुटफॉल्स का अध्ययन करने के साथ ही उन्होंने विभिन्न तलों पर ग्राहकी के आंकड़े इकट्ठा किए। विद्यार्थियों ने पाया कि लगभग सभी रेटेल आउटलेट्स पर 40 से 200 फीसद तक के डिस्काउन्ट के ऑफर चल रहे हैं। इनमें फुटवेयर, लगेज, अपारैल्स सभी शामिल हैं। डिस्काउन्ट्स का कोई विशेष लाभ नहीं हो रहा है। जहां तक ड्रेसेस का सवाल है, बहुत कम लोग डिस्काउन्ट टैग वाले वस्त्रों में रुचि लेते हैं। यहां तक कि खरीदी पर मिलने वाले डिस्काउन्ट वाउचर्स का भी बहुत कम लोग उपयोग करते हैं।
विभिन्न रिटेल आउटलेट्स पर पूछताछ करने पर यह निष्कर्ष निकला की अधिकांश ग्राहक गुणवत्ता और उचित मूल्य को वरीयता देते हैं। संभवतः यही वजह है कि मॉल के बाहर बिक रहे 500 रुपए जोड़ा जीन्स को भी कोई खास प्रतिसाद नहीं मिल रहा है।
विद्यार्थियों ने यह भी पाया कि मॉल के सेल्स मैन व सेल्स गर्ल ग्राहक में कोई विशेष रुचि नहीं लेते। यह कुछ-कुछ डिपार्टमेंटल स्टोर संस्कृति जैसा है जहां डिस्प्ले को ही ज्यादा तरजीह दी जाती है। सेल्स को पुश करने की कोई खास कोशिश नहीं की जाती। बच्चे इसका विस्तृत अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेंगे तथा मॉल प्रबंधन को सौंपेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *