स्वरुपानंद महाविद्यालय में हिन्दी सप्ताह का समापन व पुरस्कार वितरण

भिलाई। स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती महाविद्यालय में हिन्दी विभाग, आईक्यूएसी एवं स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के संयुक्त तात्वावधान में आयोजित हिन्दी सप्ताह का समापन श्रीमती स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया अस्पताल परिसर की शाखा प्रबंधक सुष्मिता बोससार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने की। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुनीता वर्मा ने सप्ताह भर चले कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया व कहा हिन्दी भारतीय संस्कृति की आत्मा है हमारी संवेदनाओं, सपनों व संवाद की भाषा है।भिलाई। स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती महाविद्यालय में हिन्दी विभाग, आईक्यूएसी एवं स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के संयुक्त तात्वावधान में आयोजित हिन्दी सप्ताह का समापन श्रीमती स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया अस्पताल परिसर की शाखा प्रबंधक सुष्मिता बोससार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने की। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुनीता वर्मा ने सप्ताह भर चले कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया व कहा हिन्दी भारतीय संस्कृति की आत्मा है हमारी संवेदनाओं, सपनों व संवाद की भाषा है। भिलाई। स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती महाविद्यालय में हिन्दी विभाग, आईक्यूएसी एवं स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के संयुक्त तात्वावधान में आयोजित हिन्दी सप्ताह का समापन श्रीमती स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया अस्पताल परिसर की शाखा प्रबंधक सुष्मिता बोससार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने की। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुनीता वर्मा ने सप्ताह भर चले कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया व कहा हिन्दी भारतीय संस्कृति की आत्मा है हमारी संवेदनाओं, सपनों व संवाद की भाषा है।हिन्दी विश्व में सबसे अधिक बोली जाने वाली तीसरी व भारत में सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा है। हिन्दी तकनीकी रूप से भी समृद्ध हो रही है। गूगल भी हिन्दी टाईपिंग के लिए ऑनलाईन टूल प्रदान करता है। हिन्दी अन्य भाषाओं के मुकाबले 94 प्रतिशत अधिक वृद्धि दर के साथ सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रही है।
मुख्य अतिथि सुष्मिता बोस सार ने कहा कि आज के समय में शुद्ध हिन्दी या शुद्ध अंग्रेजी में कोई बात नहीं करता दोनों का मिश्रित रुप उपयोग में लाया जाता है। भाषा अभिव्यक्ति का सहज माध्यम है। हर भाषा के शब्दों को आत्मसात करना चाहिए तभी भाषा समृद्ध होगी। आज नौकरी के लिये अंग्रेजी आवश्यक नहीं है। मातृभाषा व हिन्दी जानने से भी अच्छी नौकरी मिल सकती है। बैंक में भी मिश्रित हिन्दी में किया गया पत्रव्यवहार स्वीकार किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि आज कल ओटीपी, यूजर आईडी आदि के उपयोग में अनेक फ्राड हो रहे है अत: सावधानी बरतें।
कार्यक्रम की अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने हिन्दी साहित्य परिषद् के सदस्यों को शपथ दिलाई व कहा कि हम किसी प्रतियोगिता में भाग लेते हैं तो हम उससे संबंधित विषय व समस्याओं को जान पाते है। इससे हमारे व्यक्तित्व का विकास होता है। आज हिन्दी दिवस के अवसर पर हमें यह प्रयास करना है कि हिन्दी का प्रचार प्रसार सरल व बोलचाल की भाषा के रुप में हो। हिन्दी को इतना कठिन न बनाएं कि अंग्रेजी उसके सामने आसान लगने लगे। जिस भाषा से शब्द मिले उसे उसी रूप में लें। भाषा की ग्रहण शक्ति को बढ़ाइये।
भिलाई। स्वामी श्री स्वरुपानंद सरस्वती महाविद्यालय में हिन्दी विभाग, आईक्यूएसी एवं स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के संयुक्त तात्वावधान में आयोजित हिन्दी सप्ताह का समापन श्रीमती स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया अस्पताल परिसर की शाखा प्रबंधक सुष्मिता बोससार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने की। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. सुनीता वर्मा ने सप्ताह भर चले कार्यक्रम का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया व कहा हिन्दी भारतीय संस्कृति की आत्मा है हमारी संवेदनाओं, सपनों व संवाद की भाषा है।इस अवसर पर हिन्दी के प्रचार प्रसार व हिन्दी विभाग की गतिविधियों के सुचारु रुप से संचालित करने के लिये हिन्दी साहित्य परिशद् का गठन किया गया। अध्यक्ष – होमेन्द्र, उपाध्यक्ष- शुभी वाजपेयी, सचिव – दिव्या तिवारी, सहसचिव- रेणुका साहू तथा सदस्यों में विश्वदीप, अवंतया शुक्ला, उन्नति पांडे, समृध्दि तिवारी, दामिनी राउते।
विविध प्रतियोगिता में भाग लिये विद्यार्थियों को स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के सौजन्य से पुरस्कृत किया गया। मंच संचालन डॉ. नीलम गांधी विभागाध्यक्ष वाणिज्य व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनीता वर्मा विभागाध्यक्ष हिन्दी ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक/ प्राध्यपिकायें व छात्र-छात्रायें शामिल हुर्इं।

Google GmailTwitterFacebookWhatsAppShare

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <strike> <strong>