Daily Archives: September 27, 2020

गृह विज्ञान में भिलाई महिला महाविद्यालय के परिणाम 100 प्रतिशत

Bhilai Mahila Mahavidyalaya offers BA in 5 subjectsभिलाई। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा बीएससी होमसाइंस के परिणामों की घोषणा कर दी गई है। भिलाई महिला महाविद्यालय का परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। विश्वविद्यालय का परिणाम 99.17 प्रतिशत रहा। केवल एक विद्यार्थी को पूरक प्राप्त हुआ है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ संध्या मदन मोहन एवं भिलाई एजुकेशन ट्रस्ट प्रबंधन ने सभी सफल परीक्षार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। विश्वविद्यालय की इस परीक्षा में बीएससी गृह विज्ञान द्वितीय वर्ष के 121 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। शत प्रतिशत उपस्थिति के साथ हुई इस परीक्षा में केवल एक विद्यार्थी पूरक प्राप्त हुआ है। शेष सभी विद्यार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं।

कचांदूर कोविड सेंटर से अब तक 2117 मरीज स्वस्थ होकर लौटे, हो रही घर जैसी देखभाल

CMC provides home like care to COVID patientsभिलाई। कोरोना महामारी में ऐसे कई योद्धा हैं जो अपना तो फर्ज तो निभा ही रहे हैं, बल्कि पर्दे के पीछे रहकर बड़ा काम भी कर रहे हैं। वे अपनी जान की परवाह किए बगैर कोविड केयर सेंटर में भर्ती बुजुर्ग एवं दिव्यांग मरीजों का परिवार के सदस्य की तरह देखभाल कर रहे है। इनकी सेवा भावना से ही कोविड केयर सेंटर कचांदुर में भर्ती संक्रमित मरीज रोग से लड़ने के लिए अपना हौसला बड़ा रहे हैं। इस केन्द्र से अब तक 2117 मरीज ठीक होकर अपने घर लौट चुके हैं।

संजय रुंगटा ग्रुप में फार्मासिस्ट डे का आयोजन, चुनौती में हाथ बंटाने की अपील

Pharmacist Dayभिलाई। संजय रूंगटा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूसंस द्वारा संचालित रूंगटा इंस्टीट्यूट आफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज एवं रूंगटा इंस्टिट्यूट और फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च द्वारा संयुक्त रूप से विश्व फार्मासिस्ट दिवस का आयोजन किया गया I इस कार्यक्रम में ग्रुप के चेयरमेन संजय रूंगटा मुख्य अतिथि के रूप में एवं ग्रुप डायरेक्टर साकेत रूंगटा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए I संस्था के चेयरमेन संजय रुंगटा समाज के प्रति फार्मासिस्ट के कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों को निभाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया एवं शुभकामनायें दी।

गोबर की आमदनी से होरीलाल और पंचराम ने खरीदी भैंस, ललिता ने चुकाया कर्ज

Income from Godhan Nyay Yojana brings economic stabilityभिलाई। कुछ समय पहले तक फेंकी जाने वाली गोबर ने अब लोगों के जीवन में परिवर्तन लाना शुरू कर दिया है। कुछ पशुपालकों ने इससे होने वाली आय से भैंस खरीदी है तो वहीं किसी ने इससे प्राप्त आमदनी से अपना कर्ज चुका दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रथम चरण में ही उल्लेखनीय सफलता मिली है। गोबर गोधन से हो रही इस आय ने उनकी आर्थिक स्थिति में तो सुधार किया ही है, उनमें नए उत्साह का संचार भी हुआ है।