दायित्वों के प्रति ईमानदारी ही गांधी जी को सच्ची श्रध्दांजलि – डॉ अरुणा

Gandhi Jayanti at Hemchand Universityदुर्ग। दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही गांधी जी के प्रति सच्ची श्रध्दांजलि होगी। ये उद्गार हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ अरूणा पल्टा ने गांधी जयंती पर व्यक्त किये। आज डॉ पल्टा शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग की साहित्यिक समिति व आईक्यूएसी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक दिवसीय नेशनल ऑनलाईन वेबीनार में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित रही। महात्मा गांधी के विचार एवं सक्रियता एक सामयिक दृष्टिकोणश् विषय पर बोलते हुये डॉ अरूणा पल्टा ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में नई तालीम के अंतर्गत सैध्दांतिक शिक्षा के साथ व्यवहारिक एवं प्रयोगात्मक शिक्षा को भी महत्व दिया गया है, जो विद्यार्थियों के लिये लाभदायक सिध्द होगी, उन्होंने अपने मूल्य परक उद्बोधन से सबको प्रेरित किया।
इससे पूर्व वेबीनार के आरंभ में राजनीति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शकील हुसैन ने वेबीनार के विषय पर प्रकाश डालते हुये बताया कि इस वेबीनार में 21 राज्यों के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे है। आमंत्रित व्याख्यान देते हुये महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के पूर्व निदेशक प्रोफेसर सतीश राय ने कहा कि गांधी जी राजनीतिक रूप से सक्रिय रहने के साथ-साथ रचनात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण थे। गांधी जी का राष्ट्रप्रेम उनकी गतिविधियों में झलकता था। समय व ईमानदारी की पाबंदी ने ही गांधी जी को विभिन्न अवसरों पर अन्य राजनेताओं से पृथक किया। गांधी जी के विचार आज 150 वर्षों बाद भी प्रासंगिक है।
द्वितीय आमंत्रित व्याख्यान में गांधी अध्ययन पीठ, वाराणसी के पूर्व निदेशक डॉ आर.पी. द्विवेदी ने अपने उद्बोधन में गांधी जी के भौतिक व्यक्तित्व के साथ-साथ उनके आतंरिक प्रतिभाओं पर भी गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने गांधी जी को मानव मुक्ति के अप्रतिम मसीहा के रूप में याद किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आर.एन. सिंह ने इस आयोजन की सराहना करते हुये कहा कि महिला उत्थान एवं समानता का भाव गांधी जी की प्रमुख विशेषता थी। गांधी जी महामानव थे जो विचारों के रूप में सदियों तक हम सभी के बीच रहेंगे।
वेबीनार की संयोजक डॉ सुचित्रा गुप्ता ने अपने स्वागत भाषण में गांधी जी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्षभर महाविद्यालय में आयोजित विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। इस आयोजन में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग एवं महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

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