डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल के वार्षिकोत्सव में आसमान छूने का संकल्प

DAV Ispat Public School celebrates 3rd Annual Functionभिलाई। डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल सेक्टर 2 में वार्षिकोत्सव उड़ान-छूना है … आसमान मनाया गया। विद्यार्थियों ने भारतीय लोक तथा शास्त्रीय संस्कृति के साथ-साथ समकालीन ज्वलंत समस्याओं पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं। आईजी दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। डीएवी पब्लिक स्कूल सीजी जो़न के रीजनल डायरेक्टर प्रशांत कुमार, डीएवी एसीसी जामुल के प्रधानाचार्य रविभास्करन तथा डीएवी नंदिनी के प्राचार्य बीपी साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती स्मिता सिन्हा तथा सुब्रत कुमार उपस्थित थे। DAV-Ispat-Bhilai DAV-Ispat-Bhilai2 DAV Ispat Public Schoolदीप प्रज्वलन पश्चात डीएवी गान गाया गया। माँ सरस्वती की वंदना की गई। पीपीआरटी के बच्चों ने संयुक्त परिवार का महत्व बताते हुए मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया जिसके द्वारा परिवार के हर रिश्ते का महत्व समझाया गया चाहे वह दादा दादी नाना नानी का हो या की पिता की परी यानी पिता के साथ पुत्री का संबंध हो।

शिक्षक प्रभारी श्रीमती योगिता शर्मा द्वारा विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी गई। कक्षा-1 के विद्याथिर्यों ने ‘बाय गौंस टू द लेटेस्ट’द्वारा पुराने हिंदी गानों से नए गानों तक के सफर को अत्यधिक रोचक तथा कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। कक्षा-2 के छात्रों द्वारा ‘गाला नाइट्स’ की प्रस्तुति की गई।जिसमें पाश्चात्य संगीत तथा नृत्य ने समा बाँध दिया। तीसरी कक्षा के विद्याथिर्यों ने महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि देते हुए ‘स्वच्छ भारत’ का संदेश दिया। जिस प्रस्तुति को ‘क्लीन इंडिया ग्रीन इंडिया’ नाम दिया गया इसके द्वारा प्लास्टिक के प्रयोग के निषेध तथा पर्यावरण संरक्षण पर भी जो़र दिया गया। कक्षा- 4 के विद्यार्थियों ने मोबाइल को ना कहते हुए पुराने खेलों का प्रदर्शन किया,जैसे कबड्डी खेलना, लट्टू चलाना, पतंग उड़ाना, जो दशर्कों को किसी और युग में ही ले गया। जिसने दर्शक दीर्घा की तालियाँ बटोरीं।
लोक नृत्य लावणी को ‘महाराष्ट्रा च लावण्य’ शीर्षक द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसने दशर्कों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात ‘सुनिए… हमारी भी !’ नुक्कड़ नाटक का प्रस्तुतीकरण हुआ, जिसके द्वारा बच्चों के जीवन के उस आयाम से अवगत करवाया गया, जहाँ वे आत्मजों की आत्मीयता तथा समय से स्वयं को वंचित पाते हैं। इसका उद्देश्य आधुनिक जीवन शैली से आत्मजों के जीवन में आए, बदलाव तथा उससे बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाना था।’ नृत्य संगम’ में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की अत्यधिक ओजस्वी प्रस्तुति की गई, जिसमें छात्राओं ने भरतनाट्यम कथक तथा मोहिनीअट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्यों की झलक प्रस्तुत की। जिसने हमारी समृद्ध सांस्कृतिक तथा शास्त्रीय धरोहर का अनुभव कराया। ‘अ सागा आॅफ वेलर’ शीर्षक की नृत्य नाटिका द्वारा कारगिल युद्ध के जांबाज शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा की जीवन की संक्षिप्त झाँकी प्रस्तुत की गई। जिसने दशर्कों की आँखें नम कर दीं।
इस उत्सव में विगत वर्ष शिक्षा के क्षेत्र, खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों तथा अन्य क्षेत्रों में राज्य स्तरीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वाले तथा पुरस्कार प्राप्त करने वाले छात्र -छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंस्पेक्टर जनरल श्री विवेकानंद सिन्हा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का किसी भी छात्र के जीवन में अत्यधिक महत्व है मुख्य रूप से किसी भी व्यक्ति का व्यक्तित्व घर के माहौल तथा विद्यालय के माहौल दोनों से ही मिलकर बनता है श्री विवेकानंद जी ने बच्चों को एक प्रेरक कथा के द्वारा सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन, संकल्प शक्ति, संघर्षशीलता तथा निर्णय लेने की शक्ति हमारी व्यक्तित्व को न सिर्फ दृढ़ बनाती है, बल्कि हमारे जीवन को एक लक्ष्य देने के साथ-साथ उसको सफल भी बनाती है। मनुष्य जीवन में अध्यापकों का महत्व बताते हुए, भी उन्होंने विद्यालय के महत्व को समझाया। साथ ही उन्होंने बच्चों की ऊर्जा पूर्ण प्रस्तुति की भी प्रशंसा की।
DAV Ispat Public School Annual Festडीएवी पब्लिक स्कूल सीजी जो़न के रीजनल डायरेक्टर श्री प्रशांत कुमार जी ने वाषिर्कोत्सव के शीर्षक ‘उड़ान. छूना है आसमान’ की, बड़ी ही प्रेरक व्याख्या करते हुए बताया, कि विद्यालय तथा शिक्षकों का कार्य है, बच्चों को पंख देना और साथ-साथ उन्हें इतना मजबूत बनाना, कि वे अपने जीवन की वह उड़ानें भर सकें, जिनसे वह अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त कर सके। इसके साथ ही उन्होंने नुक्कड़ नाटक ‘सुनिए ..हमारी भी’ कार्यक्रम के बारे में बोलते हुए कहा, कि आज बच्चे अपने जीवन में अपने माता-पिता की उपस्थिति से कहीं न कहीं स्वयं को वंचित महसूस कर रहे हैं। आज सचमुच शायद उन्हें माता-पिता के उपहार नहीं ,बल्कि सानिध्य की आवश्यकता है।
महापौर एवं विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि आज इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपने बचपन के दिन याद आ गए।
विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती सुनीता दीवान ने धन्यवाद ज्ञापन किया। नगर के अन्य गणमान्य अतिथियों में भिलाई सेक्टर -5 के पार्षद शिवप्रसाद एवं भिलाई सेक्टर 2 के पार्षद श्रीनिवास राव तथा श्रीमती रश्मि सिंह भी उपस्थित थीं। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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