तुलसी दिवस पर स्वरूपानंद महाविद्यालय में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन

Tulsi Jayanti celebrated in SSSSMVभिलाई। तुलसी पूजन दिवस के अवसर पर श्री स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय के माइक्रोबायोलाजी विभाग द्वारा पोस्टर प्रतियोगिता एवं आनलाईन चर्चा का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने तुलसी एवं अन्य औषधीय पौधों के गुणों और उपयोग की जानकारी एकत्रित कर उसे पोस्टर में प्रदर्शित किया। कार्यक्रम संयोजक डा. शमा बेग विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलाजी ने बताया कि तुलसी केवल एक पौधा ही नहीं है बल्कि धरा के लिए वरदान है। प्राचार्य डॉ हंसा शुक्ला ने कहा आयुर्वेद में तुलसी के फायदों का विस्तृत विवरण है। इसमें विटामिन और खनिज प्रचुर मात्रा में पाये जाते है। इसमें रोगों को दूर करने की क्षमता होती है। महाविद्यालय के सीओओ डॉ दीपक शर्मा ने कहा कि तुलसी स्वास्थ्य प्रदायक है और इसे हर घर में हमें लगाना चाहिये। तुलसी के प्रत्येक भाग का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। विद्यर्थियों ने तुलसी की प्रजाति, विशेषता और महत्व को पोस्टर के माध्यम से बखूबी समझाया। तुलसी के पत्ते बीज कफ-वात दोष को कम करते है। पाचन शक्ति एवं भूख बढ़ाते है। रक्त को शुद्ध करते है। तुलसी का फायदा बुखार पेट दर्द हृदय रोग, मलेरिया, जीवाणु एवं विषाणु संक्रमण में भी होता है। तुलसी के पत्तों के प्रतिदिन सेवन से मस्तिश्क की कार्यक्षमता बढ़ती है। माइग्रेन में तुलसी का तेल रामबाण औषधि सिद्ध होता है। रतौंधी साइनसाइटिस कान दर्द दात दर्द एवं गले के रोगा में तुलसी लाभदायक है। खासी में तुलसी तुरंत आराम देती है। तुलसी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार है।
एम़ एस. सी बाटनी की वैशाली ने बताया कि तुलसी में युगीनोल नामक पदार्थ पाया जाता है, एवं विटामिन ए, सी कैल्षियम, जिंक, लोहा प्रचुर मात्रा में मिलता है। इसके प्रयोग से टी कोशिका और एन के कोशिका के कार्य में वृध्दि होती है। अनेका छात्रों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया जिसमें बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा पलक और उज्मा ने तुलसी के विभिन्न उपयोग जैसे काढ़ा एवं चूर्ण के बारे में बताया। इसके अलावा छात्रों ने गिलोय, अश्वगंधा, हल्दी ,आवला, नीम के औशधीय गुणों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया।
पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम- उजमा खातून- बीएससी द्वितीय माइक्रोबायोलॉजी, द्वितीय -पलक तिवारी बीएससी प्रथम माइक्रोबायोलॉजी, तृतीय वैशाली एमएससी तृतीय सेमेस्टर, भिलाई महिला महाविद्यालय रही। सर्वश्रेष्ठ वीडियो -पलक तिवारी बीएससी प्रथम माइक्रोबायोलॉजी रही। निर्णायक डॉ निहारिका देवांगन सहायक प्राध्यापक बॉटनी स्वामी श्री स्वरूपानंद महाविद्यालय।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ चैताली मैथ्यू सहायक प्राध्यापक बायोटेक्नोलॉजी और श्रीमती हेमपुष्पा और उर्वसा का सहयोग सराहनीय रहा।

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