भिलाई। ‘न तो श्रीकृष्ण रणछोड़ थे न ही नारद जी चुगलखोर। दोनों की प्रत्येक क्रिया के पीछे गहरी सोच हुआ करती थी। श्रीकृष्ण ने कालयवन More »

भिलाई। सेन्ट्रल एवेन्यू पर धूम मचाने वाली ‘तफरीह’ एक बार फिर प्रारंभ होने जा रही है। महापौर एवं विधायक देवेन्द्र यादव की यह महत्वाकांक्षी योजना More »

भिलाई। इंदु आईटी स्कूल में प्री-प्राइमरी विंग के नर्सरी से केजी-2 तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। More »

भिलाई। केपीएस के प्रज्ञोत्सव-2019 में आज शास्त्रीय नृत्यांगनाओं ने पौराणिक कथाओं को बेहद खूबसूरती के साथ मंच पर उतारा। भरतनाट्यम एवं कूचिपुड़ी कलाकारों ने महाभारत, More »

भिलाई। कृष्णा पब्लिक स्कूल कुटेलाभाटा ने 73वां स्वतंत्रता दिवस खुले, स्वच्छंद आकाश में ध्वजारोहण करते हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस समारोह में स्कूल की बैण्ड More »

 

Daily Archives: August 15, 2018

वसुन्धरा के स्त्री विमर्श पर केन्द्रित अंक का विमोचन

Vasundhara Releasedभिलाई। भिलाई निवास के सभागार में वसुन्धरा के स्त्री विमर्श अंक का विमोचन प्रसिद्ध पत्रकार, लेखक रमेश नैय्यर, प्रकाश दुबे एवं सुनील कुमार ने किया। इस अवसर पर वसुन्धरा सम्मान के संयोजक विनोद मिश्र, दिनेश वाजपेयी, अरुण श्रीवास्तव एवं इस अंक की अतिथि संपादक डॉ रक्षा सिंह मंच पर उपस्थित थे। वसुन्धरा के इस अंक में अमृत लाल बेगड़, केदारनाथ सिंह की स्मृतियां संजोई गई हैं।

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इमरजेंसी में भी इंदिरा ने कायम रखा था मीडिया से संवाद : नैय्यर

Vasundhara Sammanवरिष्ठ पत्रकार प्रकाश दुबे को दिया गया वसुन्धरा सम्मान      भिलाई। प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने भले ही इमरजेंसी लगाई थी पर उन्होंने मीडिया के संवाद कायम रखा था। मीडिया को किसी न किसी प्रकार के सेंसरशिप को तो बर्दाश्त करना ही पड़ता है। आपरेशन ब्लू स्टार से उन्होंने भारत की अखण्डता की रक्षा की थी जिसकी कीमत उन्होंने शहादत देकर चुकाई। उक्त उद्गार वरिष्ठ पत्रकार रमेश नैय्यर ने भिलाई निवास के सभागार में कीर्तिशेष देवी प्रसाद चौबे की स्मृति में आयोजित वसुन्धरा सम्मान समारोह के दौरान व्यक्त किए।

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जिस घर में कमांडो ने संभाला था मोर्चा उसे सेना ने उड़ा दिया, पर बच गई जान

NSG Commandoएमजे कालेज में एनएसजी कमांडो ने सुनाई अपनी आपबीती   भिलाई। जिस घर में एनएसजी के कमांडो मोर्चा संभाले हुए थे, सेना ने अंतत: उसे ही उड़ा दिया। दरअसल फायरिंग रुक जाने के कारण भारतीय सेना की बटालियन को लगा था कि हमारे साथी शहीद हो गए और इमारत में अब केवल आतंकवादी ही रह गए हैं। एनएसजी में कमाण्डो रहे विजय बहादुर सिंह ने उक्त उद्गार एमजे कालेज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में व्यक्त किए।

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